देशभर में इस बार मार्च के महीने की शुरुआत से ही मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं। आमतौर पर मार्च के दौरान तापमान में हल्की गर्माहट होती है, लेकिन इस बार कई राज्यों में गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राजस्थान से लेकर गुजरात और दिल्ली-एनसीआर तक कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों को मार्च के महीने में ही जून-जुलाई जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में लू चलने की स्थिति बन सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने भी इस स्थिति को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान और गुजरात में बढ़ा तापमान
पश्चिम भारत के राज्यों राजस्थान और गुजरात में इस समय गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कई दिनों तक इन राज्यों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
पश्चिम राजस्थान और उत्तर गुजरात के कई इलाकों में गर्म हवाओं के चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रहती है तो इन क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड तोड़ धूप
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी इस बार मार्च के महीने में ही तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय चिलचिलाती धूप पड़ रही है और तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होना सामान्य स्थिति नहीं मानी जाती। आमतौर पर मार्च में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है, लेकिन इस बार धूप की तीव्रता ने लोगों को हैरान कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो अप्रैल के महीने में गर्मी और भी ज्यादा बढ़ सकती है।
हिमाचल प्रदेश में भी हीटवेव की चेतावनी
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति इसलिए भी असामान्य मानी जा रही है क्योंकि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाकों में आमतौर पर मार्च के महीने में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न के कारण इस प्रकार की असामान्य स्थितियां देखने को मिल रही हैं।
कई क्षेत्रों में चल सकती हैं गर्म हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पश्चिम राजस्थान, उत्तर गुजरात और दक्षिण गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में गर्म हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में भी तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक जा सकता है। यदि तापमान लगातार अधिक बना रहता है तो हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने और दिन के समय अत्यधिक धूप से बचने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत में बदल सकता है मौसम
जहां पश्चिम और उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार और झारखंड में आने वाले दिनों में बादल बनने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का भी अनुमान लगाया गया है। इससे इन क्षेत्रों में तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
जलवायु परिवर्तन का असर
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की असामान्य गर्मी जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहा है। कभी सर्दी देर से आती है तो कभी गर्मी समय से पहले ही शुरू हो जाती है। इस वर्ष मार्च में ही कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक पहुंचना इसी बदलते मौसम चक्र का संकेत माना जा रहा है। यदि यही स्थिति आगे भी बनी रहती है तो आने वाले महीनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है।


