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रीको की नई पहल से आबूरोड में रोजगार के अवसर

रीको की नई पहल से आबूरोड में रोजगार के अवसर

प्रदेश सरकार ने औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में इकाइयों के लिए आवंटित भूखंडों पर अब होटल, वाणिज्यिक कॉम्पलेक्स और आवास निर्माण की अनुमति प्रदान की गई है। इस फैसले को रीको निदेशक मंडल की मंजूरी मिल चुकी है और इसके तहत आवश्यक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस कदम को औद्योगिक भूखंडों की उपयोगिता बढ़ाने और बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप नीति को लचीला बनाने के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

आबूरोड रीको औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ

इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ सिरोही जिले के सबसे बड़े आबूरोड रीको औद्योगिक क्षेत्र को मिलने की संभावना है। आबूरोड क्षेत्र पहले से ही औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है और अब होटल व वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति मिलने से यहां व्यावसायिक माहौल और मजबूत होगा। उद्योगों के साथ-साथ होटल, कॉम्पलेक्स और आवास निर्माण से क्षेत्र में बाहरी निवेशकों और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा।

होटल निर्माण उद्यमियों की पहली पसंद

सरकार की इस नई नीति के बाद उद्यमियों और व्यवसायियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आबूरोड रीको कार्यालय में अब तक करीब 15 पट्टाधारी होटल और वाणिज्यिक कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए संपर्क कर चुके हैं। इनमें से अधिकांश की पहली पसंद होटल निर्माण बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों पर अन्य अनुमत गतिविधियों के लिए आवंटन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जा रही है। साथ ही, विभाग की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया गया है। होटल स्थापना को लेकर प्रारंभिक स्तर पर कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी सुविधा

रीको की ओर से इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए ईआरपी पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा दी गई है। इच्छुक पट्टाधारी अपने औद्योगिक भूखंड पर एक अनुमत गतिविधि से दूसरी अनुमत गतिविधि में परिवर्तन करना चाहते हैं तो वे अपनी एसएसओ आईडी के जरिए रीको ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क और आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद निर्धारित राशि जमा कराने पर अनुमति जारी की जाएगी। आवेदनों का निस्तारण फर्स्ट कम फर्स्ट आउट के सिद्धांत पर किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

 आबूरोड में चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र

वर्तमान में आबूरोड में अर्बुदा, अंबाजी, मावल ग्रोथ सेंटर प्रथम और मावल ग्रोथ सेंटर द्वितीय सहित चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र विकसित हैं। इन क्षेत्रों में 700 से अधिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। यहां मार्बल, ग्रेनाइट, स्टील, मार्बल आर्टिकल सहित कई अन्य उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। नई नीति से इन औद्योगिक क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में और विस्तार होने की उम्मीद है।

रोजगार और राजस्व में होगी वृद्धि

औद्योगिक भूखंडों पर होटल और वाणिज्यिक कॉम्पलेक्स की अनुमति मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, निर्माण, सेवाक्षेत्र और व्यापार से जुड़े कई क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार से टैक्स और अन्य शुल्कों के रूप में सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

रीको अधिकारियों का बयान

रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक बिक्रम सिंह निमेश ने कहा कि औद्योगिक भूखंडों पर होटल, वाणिज्यिक कॉम्पलेक्स और आवास निर्माण की अनुमति निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अंतर्गत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नई व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने के इच्छुक उद्यमियों ने कार्यालय में पूछताछ की है और उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह पहल औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक व्यावहारिक और समयानुकूल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

औद्योगिक विकास को नई दिशा

कुल मिलाकर, प्रदेश सरकार और रीको की यह पहल औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। उद्योगों के साथ-साथ सेवा और व्यावसायिक क्षेत्र के विस्तार से आबूरोड जैसे औद्योगिक क्षेत्रों का स्वरूप बदलेगा और आर्थिक गतिविधियां और अधिक सशक्त होंगी।

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