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खाटूश्यामजी में एकादशी-द्वादशी और नए साल का मेला: 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक रहेगा आयोजन, प्रशासन अलर्ट

खाटूश्यामजी में एकादशी-द्वादशी और नए साल का मेला: 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक रहेगा आयोजन, प्रशासन अलर्ट

शोभना शर्मा।  सीकर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में बाबा श्याम के दो दिवसीय मासिक मेले और नए साल के विशेष अवसर को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एकादशी, द्वादशी और नववर्ष के अवसर पर लगने वाला यह मेला 29 दिसंबर से शुरू होकर 2 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के खाटू पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रशासन को अनुमान है कि 30 और 31 दिसंबर को एकादशी और द्वादशी के कारण तथा 1 जनवरी को नए साल के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तृत योजना तैयार की गई है।

बस ऑपरेटरों के साथ हुई अहम बैठक

मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सोमवार को पुलिस थाना परिसर में बस ऑपरेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक राव आनंद कुमार और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजीव ने भाग लिया। बैठक में सीकर, जयपुर, सालासर, दांता और रेनवाल रूट पर चलने वाली बसों के संचालकों को बुलाया गया था। अधिकारियों ने बस ऑपरेटरों को मेले के दौरान लागू किए जाने वाले रूट चार्ट, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय किए गए रूट और ट्रैफिक आदेशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।

अलग-अलग रूट, ताकि न लगे जाम

डीवाईएसपी राव आनंद कुमार ने बैठक में बताया कि मेला अवधि में ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए जयपुर, सीकर, दांता और रेनवाल से आने वाली बसों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इन रूटों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो और स्थानीय लोगों का आवागमन भी प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जो भी बस ऑपरेटर तय रूट और नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें चालान, बस को सीज करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेले के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पार्किंग और ट्रैफिक नियमों पर जोर

बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। बसों और अन्य वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे या अवैध रूप से बसें खड़ी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस दौरान थानाधिकारी पवन चौबे, नगर निगम के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश और ट्रैफिक इंस्पेक्टर कृतिका सोनी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बस ऑपरेटरों से सहयोग की अपील की ताकि मेले के दौरान व्यवस्था बनी रहे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना

खाटूश्यामजी में हर महीने एकादशी और द्वादशी पर लगने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार नए साल का संयोग होने के कारण भीड़ और अधिक रहने की संभावना है। खासकर 30 दिसंबर, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ उमड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती, ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाने और कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने की योजना बनाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील स्थानों पर निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है। मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और साफ-सफाई को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, तय रूट का उपयोग करें और प्रशासन को सहयोग दें। खाटूश्यामजी में लगने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की भी बड़ी परीक्षा माना जाता है।

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