ED ने रोहित पवार की 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बारामती एग्रो लिमिटेड के स्वामित्व वाली कन्नड़ सहकारी साखर कारखाना लिमिटेड की 50.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है।

ईडी ने बताया कि औरंगाबाद के कन्नड गांव में स्थित कन्नड सहकारी साखर कारखाना लिमिटेड (कन्नड एसएसके) की 161.30 एकड़ जमीन, संयंत्र, मशीनरी एवं भवन को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत अंतरिम रूप से कुर्क किया गया है।

यह मामला महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक द्वारा चीनी मिलों की अवैध बिक्री से जुड़ा है। बारामती एग्रो लिमिटेड कंपनी राकांपा प्रमुख शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार की है। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2019 में प्रकाश में आया जब मुंबई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी।

इससे पहले, इस मामले में पांच जनवरी को एजेंसी ने रोहित पवार की कंपनी बारामती एग्रो के बारामती, पुणे, औरंगाबाद समेत अन्य परिसरों में छापेमारी की थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने रोहित पवार को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था।

ईडी की कार्रवाई पर शरद पवार की पुत्री सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश है। वहीं, रोहित पवार ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह से अवैध है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कहा, “मैंने ईडी की कार्रवाई के बारे में ट्वीट देखा और सोचा कि क्या मुझे अब भाजपा में शामिल होना चाहिए? लेकिन झुकने वाले और रोने वाले चले गए। उनका इराशा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शरद पवार के भतीजे अजित पवार की तरफ था।”

मुख्य बातें:

  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बारामती एग्रो लिमिटेड के स्वामित्व वाली कन्नड़ सहकारी साखर कारखाना लिमिटेड की 50.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
  • कुर्क की गई संपत्ति में 161.30 एकड़ जमीन, संयंत्र, मशीनरी और भवन शामिल हैं।
  • यह मामला महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक द्वारा चीनी मिलों की अवैध बिक्री से जुड़ा है।
  • बारामती एग्रो लिमिटेड कंपनी राकांपा प्रमुख शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार की है।
  • ईडी ने पांच जनवरी को रोहित पवार की कंपनी के परिसरों में छापेमारी की थी और उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था।
  • रोहित पवार ने कहा है कि कार्रवाई अवैध है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी।
  • सुप्रिया सुले ने कहा कि यह विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश है।
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