शोभना शर्मा। पिंकसिटी जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए जयपुर नगर निगम ने गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, सड़कों पर गंदगी फैलाने और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों पर अब सीधे कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए नगर निगम ने शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। इस सख्ती का असर यह रहा कि महज दो दिनों के भीतर निगम ने कार्रवाई करते हुए 2.57 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल कर लिया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में सिविल लाइंस जोन में सड़क पर कचरा फेंकने की एक घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में दो युवक सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकते हुए साफ दिखाई दिए। जैसे ही यह जानकारी स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संबंधित जोन को मिली, नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान अजमेर रोड निवासी दिनेश कुमार लीलारमानी को दोषी पाया गया, जिनसे नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये का कैरिंग चार्ज वसूला गया। इसके साथ ही युवकों को भविष्य में दोबारा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने की शपथ भी दिलाई गई।
नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पिछले दो दिनों में कुल 2.57 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इस दौरान केवल गंदगी फैलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 20 किलोग्राम प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया गया। आंकड़ों के अनुसार, अकेले प्लास्टिक प्रतिबंध के उल्लंघन पर ही 1.78 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जो यह दर्शाता है कि नगर निगम इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने स्पष्ट कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर की स्वच्छता और साफ-सफाई नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आयुक्त ने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और स्वच्छ जयपुर के निर्माण में नगर निगम का सहयोग करें।
स्वास्थ्य शाखा के उपायुक्त ओम थानवी ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और सड़कों पर लगे कुल 184 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। जैसे ही किसी सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने या प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग की जानकारी मिलती है, संबंधित जोन की टीम को तुरंत अलर्ट किया जाता है और मौके पर जाकर कार्रवाई की जाती है।
नगर निगम का मानना है कि केवल जुर्माना लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना भी इस अभियान का अहम हिस्सा है। लगातार हो रही कार्रवाई से शहरवासियों में यह संदेश जा रहा है कि सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना अब महंगा पड़ सकता है। निगम की यह पहल आने वाले समय में जयपुर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


