राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े OMR शीट घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पेपर लीक और OMR शीट में गड़बड़ी के मामलों ने राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच भाजपा सरकार के मंत्री के बयान ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का बड़ा बयान
बुधवार को खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने स्वीकार किया कि वर्ष 2018 में OMR मार्कशीट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। उन्होंने इसके लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। राठौड़ ने कहा कि उस समय कांग्रेस सत्ता में थी और सिस्टम का दुरुपयोग किया गया, जिसके कारण भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
डोटासरा ने दी भजनलाल सरकार को खुली चुनौती
मंत्री के बयान के बाद राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार को सीधी चुनौती दी। डोटासरा ने कहा कि अगर सरकार में वास्तव में हिम्मत है तो पिछले 10 से 12 वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI से जांच करवाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच केवल किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों के शासनकाल की परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सभी दोषियों पर समान कार्रवाई की मांग
डोटासरा ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक सियासत के आधार पर नहीं होनी चाहिए। चाहे कोई भी व्यक्ति भाजपा शासनकाल का हो या कांग्रेस शासनकाल का, अगर वह दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कि “जांच उनके घर तक जाएगी”, मर्यादित नहीं है। डोटासरा के अनुसार, सरकार को व्यक्तिगत आरोपों के बजाय तथ्यात्मक और कानूनी कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए।
सरकार पर केवल बयानबाज़ी का आरोप
डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल बयानबाज़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से “मगरमच्छ पकड़े जाएंगे” जैसे बयान दिए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक और ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बाबूलाल कटारा को कांग्रेस शासनकाल में मंत्री बनाया गया था और दोषी पाए जाने पर कांग्रेस सरकार ने ही उन्हें जेल भेजा।
अवैध खनन के मुद्दे को भी उठाया
डोटासरा ने अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने रोजाना करीब 8 करोड़ रुपये के बजरी अवैध खनन के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि यदि सरकार सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो इन आरोपों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों को सजा दिलाई जाए।
युवाओं के भविष्य पर बड़ा सवाल
राजस्थान में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और OMR शीट घोटालों ने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि व्यापक और निष्पक्ष CBI जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है। अब देखना यह होगा कि भजनलाल सरकार डोटासरा की चुनौती को स्वीकार कर ठोस कदम उठाती है या यह मामला सियासी बयानबाज़ी तक ही सीमित रह जाता है।


