शोभना शर्मा। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के जन्मदिन समारोह में देशभर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अलवर पहुंचे और कार्यक्रम को राजनीतिक ऊर्जा का केंद्र बना दिया। मंच पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में किसान परेशान हैं, जबकि सत्ता पक्ष धार्मिक और राजनीतिक प्रयोगों के जरिए जनमत को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
सरकार के राज में किसान लाठी खा रहा है — डोटासरा
डोटासरा ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में खाद की भारी किल्लत है और किसानों को यूरिया पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डोटासरा के अनुसार, “सरकार के राज में किसान लाठी खा रहा है। किसान को खाद नहीं मिल रही है और मुख्यमंत्री कोई स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि किसान विरोधी नीतियों और लगातार संकटों के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था टूट रही है, लेकिन सरकार के लिए किसान प्राथमिकता में नहीं है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस दिवस को स्कूलों में शौर्य दिवस के रूप में पढ़ाने का आरोप
सभा के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक बयान तब आया जब डोटासरा ने कहा कि सरकार बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन को स्कूलों में शौर्य दिवस के रूप में पढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कदम समाज में धार्मिक तनाव बढ़ा सकता है और बच्चों के मन में विभाजनकारी सोच को जन्म दे सकता है। डोटासरा ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को धर्म आधारित राजनीतिक संदेश देने का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।
यूरिया और खाद पर छापेमारी के बाद केंद्र की नाराजगी का दावा
डोटासरा ने आरोप लगाया कि हाल ही में राज्य में यूरिया और खाद पर हुई छापेमारी से केंद्र सरकार नाराज हो गई है, जिसके चलते प्रदेश में यूरिया की सप्लाई deliberately धीमी कर दी गई है। उनका कहना था कि सरकार और केंद्र की नीतियों के टकराव की कीमत किसान चुका रहा है और इसे लेकर राज्य सरकार चुप्पी साधे हुए है।
डेढ़ साल में किसानों पर लाठियां और युवाओं पर अत्याचार — डोटासरा
डोटासरा ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार दावा कर रही है कि डेढ़ साल में वह काम किए गए जो पांच साल में नहीं हुए। उन्होंने कहा, “हाँ, यह बात सही है — डेढ़ साल में किसानों पर लाठी बरसाई गई, युवाओं पर अत्याचार हुए और बेरोज़गारी लगातार बढ़ी।” शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह बच्चों के पहनावे में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। एक ओर वह कहते हैं कि बच्चे हफ्ते में एक दिन पसंदीदा कपड़े पहन सकते हैं, वहीं स्कूल निरीक्षण में वह यह पूछते नज़र आए कि कोई बच्ची बुर्का पहनकर तो नहीं आई। डोटासरा ने इसे शिक्षा में धार्मिक हस्तक्षेप बताया।
नेशनल हेराल्ड केस राजनीतिक षड्यंत्र — डोटासरा
कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने नेशनल हेराल्ड मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कोई वास्तविक केस नहीं है बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए सरकार द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उनका आरोप था कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और असहमति को दबाने की कोशिश की जा रही है।
निकाय चुनाव न कराके वोट चोरी की तैयारी — डोटासरा
डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में निकाय चुनाव मॉनिटरिंग न करना उसकी सबसे बड़ी मिसाल है कि सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी की जमीन तैयार कर रही है और कांग्रेस विचारधारा के समर्थकों के वोट काटने की रणनीति अपनाई जा रही है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं बीजेपी के वरिष्ठ नेता बता रहे हैं कि किसानों को नकली खाद और नकली बीज मिल रहा है, जो सरकार की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
राजनीतिक संदेश स्पष्ट — कांग्रेस आक्रामक मोड में
टीकाराम जूली के जन्मदिन मंच से कांग्रेस ने यह संकेत दे दिया कि आने वाले समय में वह किसान, शिक्षा, धार्मिक विवाद और सरकारी नीतियों के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाएगी। डोटासरा के बयानों ने संकेत दिए कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और अभियान भी चला सकती है।


