मनीषा शर्मा। केकड़ी सदर थाने के हेड कॉन्स्टेबल के सस्पेंड होने के मामले ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अवैध खनन भाजपा नेताओं के संरक्षण में जारी है और जब पुलिस अधिकारी इसे रोकने की कोशिश करते हैं, तो उन पर कार्रवाई कर दी जाती है।
डोटासरा ने लिखा कि एएसआई राजेश मीणा को अवैध खनन रोकने पर पीटा गया और “इनाम” के तौर पर सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पुलिसकर्मी पर हमला नहीं, बल्कि कानून के राज पर सीधा हमला है।
वर्दी पर चोट और सरकार पर मौन रहने का आरोप
डोटासरा ने कहा कि भाजपा नेताओं और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है और वर्दी का सम्मान कुचला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने अवैध खनन के आगे पूरी तरह से समर्पण कर दिया है।
MLA की सफाई — छवि धूमिल करने का प्रयास
दूसरी ओर केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनका किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और विरोधी उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। गौतम ने दावा किया कि जब ट्रैक्टर और डंपर पकड़े गए, तो खनिज विभाग ने जांच कर उन्हें वैध पाया। उन्होंने यह भी कहा कि हेड कॉन्स्टेबल वैध काम करने वालों को भी बेवजह परेशान कर रहा था।
मामला दर्ज, जांच जारी
सीओ हर्षित शर्मा के अनुसार पीड़ित ओमप्रकाश गुर्जर की रिपोर्ट पर हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया। आरोपों में मारपीट, वाहन में तोड़फोड़ और सरकारी पिस्तौल दिखाकर धमकाने जैसी धाराएं शामिल हैं। मामले की जांच सीआई कुसुमलता कर रही हैं और प्रारंभिक जानकारी के बाद अजमेर एसपी ने राजेश मीणा को निलंबित कर दिया।
पीड़ित का पक्ष — बेवजह मारपीट का आरोप
ओमप्रकाश गुर्जर ने आरोप लगाया कि रात में अस्पताल से लौटते समय कुछ लोग आए, जिनमें से एक वर्दी में था। उन्होंने हॉकियों और डंडों से मारपीट की, कार तोड़ी और बाद में थाने पहुंचकर फिर मारपीट की। गुर्जर का दावा है कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
हेड कॉन्स्टेबल की सफाई — राजनीतिक दबाव का दावा
हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा का कहना है कि उन्होंने अवैध वाहनों को थाने लाकर कार्रवाई की और इन्हें छोड़ने से इनकार किया। उनका आरोप है कि इस पर राजनीतिक दबाव बनाया गया और सस्पेंशन इसी वजह से हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है।
थाना प्रभारी का बयान — आरोप निराधार
थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं था। उन्होंने कहा कि पकड़े गए वाहनों की सूचना खनिज विभाग को दी गई और नियमानुसार कार्रवाई हुई। उनके अनुसार, सस्पेंशन रात की घटना को ध्यान में रखते हुए किया गया और लगाए गए आरोप निराधार हैं।


