मनीषा शर्मा। प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 के उद्घाटन समारोह में शामिल दर्शकों की संख्या को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ तस्वीरों में खाली कुर्सियां दिखाई देने के बाद कांग्रेस व भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह तस्वीरें सरकार के दावों की असलियत उजागर करती हैं, जबकि सरकार ने इसे विपक्ष की राजनीतिक साजिश करार दिया है।
डोटासरा का हमला — प्रवासी राजस्थानी दिवस को “फ्लॉप शो”
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रवासी राजस्थानी दिवस को “फ्लॉप शो” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार बड़े दावे कर रही है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ के एमओयू का ढोल पीटने वाली सरकार जमीन पर 3 लाख करोड़ का काम भी शुरू नहीं करा पाई। डोटासरा ने आगे लिखा कि सरकार दो साल में एक भी जनकल्याणकारी नीति नहीं बना सकी है और एक ही दिन में 10 नई नीतियों के सपने बेच रही है। उन्होंने कहा कि महंगे कार्यक्रमों और इवेंटबाजी के बावजूद प्रवासी राजस्थानी समारोह में खाली कुर्सियां भर नहीं पाईं। डोटासरा ने कार्यक्रम की तस्वीरें पोस्ट कर लिखा— “भाजपा सरकार का असली चेहरा यही है, खाली दावे, खाली मंच, खाली कुर्सियां और खाली खोखली उपलब्धियां।”
राठौड़ का पलटवार — हमें कुर्सियां भरनी नहीं, उद्योग में विश्वास भरना है
डोटासरा के आरोपों पर उद्योग मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जीवन भर कुर्सियों की आदत होती है, वही खाली कुर्सियां ढूंढते रहते हैं। राठौड़ ने कहा कि सरकार का ध्यान कुर्सियां भरने पर नहीं, बल्कि उद्योगों में विश्वास बढ़ाने पर है। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में देश-विदेश से निवेश आ रहा है, और सरकार कारोबारियों व युवाओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में लगी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है।
जोगाराम पटेल का दावा — पूरा हॉल भरा हुआ था
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी कांग्रेस के आरोपों को ‘झूठा और भ्रामक’ बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अपेक्षा से कहीं अधिक प्रवासी राजस्थानी शामिल हुए और पूरा हॉल खचाखच भरा था। पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने फर्जी तस्वीरें लगाकर समारोह की छवि खराब करने की कोशिश की है। पटेल का कहना है कि प्रवासी राजस्थानी दिवस बड़ी सफलता रहा और इसे विकास, विरासत और राजस्थान की बढ़ती पहचान को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और आर्थिक आयोजन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
विपक्ष का दावा — निवेशकों की जगह अफसरों और मंत्रियों की भीड़ दिखाई दी
कांग्रेस ने कहा कि सरकार समारोह को निवेशकों की मौजूदगी का उत्सव बता रही थी, लेकिन वास्तव में कार्यक्रम में सिर्फ मंत्री, सांसद, अफसर और कर्मचारी ही दिखाई दिए।
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यह कार्यक्रम निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाया और खाली कुर्सियां इसका प्रमाण हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इवेंटबाजी कर रही है और धरातल पर विकास की गति बेहद धीमी है।
सरकार का जवाब — विपक्ष निराधार आरोपों पर उतारू
सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि कार्यक्रम में रिकॉर्ड संख्या में लोग शामिल हुए और निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। भाजपा नेताओं के अनुसार, कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति कर रही है और राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सरकार का कहना है कि प्रवासी राजस्थानी दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रवासियों को राज्य की उपलब्धियों से जोड़ना था, और यह आयोजन हर पैमाने पर सफल रहा।


