मनीषा शर्मा। धौलपुर में नाबालिग लड़की से छेड़खानी और दुष्कर्म के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने लंबे समय तक तलाश के बाद आखिरकार बर्खास्त RAC जवान रामभरोसी उर्फ राजेंद्र सिसोदिया को यूपी के वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी का तरीका भी हैरान करने वाला रहा, क्योंकि आरोपी खुद को बचाने के लिए बार-बार भेष बदल रहा था और पकड़े जाने के समय बुर्का पहन कर, होंठों पर लिपस्टिक लगाकर महिला के रूप में छिपा बैठा था। पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी जांच का अहम मोड़ मानी जा रही है।
नौकरी का झांसा देकर बुलाया, फिर की घटना
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के मुताबिक 15 दिसंबर 2025 को आरोपी ने खुद को प्रभावशाली दिखाते हुए 16 वर्षीय नाबालिग लड़की और उसके भाई को जेल पुलिस में नौकरी दिलाने का बहाना बनाकर अपने घर पर बुलाया। वहां पहुंचने के बाद उसने नाबालिग के भाई को किसी बहाने से बाजार भेज दिया और मौका देखकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। उस समय कॉलोनी के लोगों ने आरोपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन अफरा-तफरी के बीच आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया।
लगातार भेष बदलता रहा आरोपी, पुलिस को देता रहा चकमा
जांच के शुरुआती चरण में ही पुलिस को पता चला कि आरोपी बेहद चालाक और शातिर स्वभाव का है। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना स्वरूप लगातार बदलना शुरू कर दिया। उसकी लोकेशन कभी आगरा, कभी लखनऊ, तो कभी ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेस होती रही।
कभी वह ट्रैक सूट पहनकर साधारण व्यक्ति जैसा दिखता, तो कभी जैकेट और पहचान-पत्र जैसा दिखाने वाले दस्तावेज लेकर खुद को किसी वीआईपी अधिकारी के रूप में प्रदर्शित करता। कई बार वह लोगों को यह विश्वास दिला देता कि वह पुलिस या सरकारी विभाग का अधिकारी है। यही वजह थी कि पुलिस जब-जब संभावित ठिकानों पर पहुंची, वह हर बार कुछ ही देर पहले वहां से निकल चुका होता।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। पुलिस टीमें लगातार अलग-अलग जिलों और राज्यों में दबिश देती रहीं और आखिरकार पता चला कि आरोपी वृंदावन क्षेत्र में छिपा हुआ है। जब टीम वहां पहुंची, तो उसने महिला का भेष बना रखा था, जिससे पहली नजर में पहचान करना मुश्किल हो गया। लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने सत्यापित किया और उसे काबू में कर लिया।
समाज में गुस्सा, आंदोलन की तैयारी
यह घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। खासकर कुशवाहा समाज के लोगों ने इसे गंभीर अन्याय बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। समाज के लोग धरना-प्रदर्शन के लिए लामबंद होते दिखे और 4 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी की खबरें भी सामने आईं।
इसी बढ़ते दबाव और जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए पुलिस के लिए आरोपी को जल्द पकड़ना बड़ी चुनौती बन गया। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का कहना है कि आरोपी बार-बार अपना चेहरा और पहचान बदलकर यह सोचता था कि वह हमेशा कानून से बचा रहेगा, लेकिन लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता के कारण उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पहले भी दर्ज रहे मामले, नौकरी से बर्खास्त
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पुलिस के मुताबिक रामभरोसी उर्फ राजेंद्र के खिलाफ पहले भी महिला उत्पीड़न और गंभीर आरोपों वाले मामले दर्ज हैं। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में उसका नाम आने के बाद उसे आरएसी की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बावजूद उसने अपना रहन-सहन और प्रभावशाली छवि कायम रखते हुए लोगों को गुमराह करना जारी रखा। पुलिस का कहना है कि उसके चरित्र और गतिविधियों को देखते हुए वह लगातार समाज के लिए खतरा बन चुका था।
आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान उसकी मदद किसने-किसने की, और क्या वह किसी गैंग या नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह के नौकरी या सरकारी सहायता के नाम पर निजी जगहों पर बुलाने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति इस तरह का प्रलोभन देता है, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना देना चाहिए।
एसपी विकास सांगवान का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति भरोसा कायम रहे। यह गिरफ्तारी न सिर्फ एक बड़े अपराधी को पकड़ने की सफलता मानी जा रही है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि चाहे कोई कितना भी चतुर या प्रभावशाली क्यों न हो, न्याय से बच पाना संभव नहीं है।


