मनीषा शर्मा, अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर होने वाले 813वें उर्स की तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन और दरगाह से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें उर्स के आयोजन को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस बार का उर्स दिसंबर के अंत में शुरू होगा और इसकी औपचारिक शुरुआत 27-28 दिसंबर को चादर चढ़ाने की परंपरा से होगी। 1 जनवरी को चांद दिखाई देने के साथ उर्स का प्रमुख चरण शुरू होगा। इस बार सर्दियों में आयोजित हो रहे उर्स के लिए ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
दरगाह के सजावट और सुविधाओं पर विवाद:
अपनी जेब से सजाते हैं दरगाह को:
अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने दरगाह की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दरगाह की रंगाई-पुताई का खर्च खादिम अपनी जेब से उठाते हैं। टूट-फूट को ठीक कराने की जिम्मेदारी भी खादिमों पर ही है। दरगाह समिति पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनकी ओर से न तो समय पर काम किया जाता है और न ही समय सारिणी सही ढंग से बनाई जाती है।प्रशासन से शिकायत:
सैयद सरवर चिश्ती ने नगर निगम और अन्य प्रशासनिक विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दरगाह क्षेत्र में सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जाती है। इस मुद्दे को लेकर एसपी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है, और उन्होंने तीनों संस्थाओं (प्रशासन, अंजुमन, और दरगाह समिति) की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।813वें उर्स की तैयारी:
27-28 दिसंबर से होगी शुरुआत:
दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी, सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज के 813वें उर्स की शुरुआत दिसंबर के अंत में होगी। 27-28 दिसंबर को झंडा और चादर चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी। यह उर्स का औपचारिक उद्घाटन होगा।विशेष व्यवस्थाएं:
इस बार सर्दियों में उर्स का आयोजन हो रहा है, इसलिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। खुले स्थानों और विश्राम स्थलों पर रुकने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने गर्म कपड़ों और हीटिंग व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।संभवत: चांद 1 जनवरी को दिखेगा:
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि उर्स का प्रमुख चरण 1 जनवरी से शुरू होगा। इस दिन चांद दिखने के बाद विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, भोजन और आवास की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
उर्स के दौरान आने वाली चुनौतियां और समाधान:
- श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन:
उर्स के दौरान लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से अजमेर आते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध करने की योजना बनाई है।- सफाई और कचरा प्रबंधन:
दरगाह क्षेत्र में सफाई को प्राथमिकता देने के लिए नगर निगम और स्वच्छता कर्मियों की टीम तैनात की जाएगी।- ठंड से बचाव:
सर्दियों को ध्यान में रखते हुए अस्थायी विश्राम स्थल, गर्म कंबल, और हीटर की व्यवस्था की जाएगी।- धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन:
धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं के बीच संवाद बढ़ाया जाएगा।


