मनीषा शर्मा। अजमेर जिले में बोराज तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर कॉलोनी में हालात बुरी तरह बिगड़ गए। बारिश का पानी और गंदगी लोगों के घरों में घुस गई, जिससे कई परिवार बेघर हो गए और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई। सोमवार को राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी खुद स्थिति का जायजा लेने अजमेर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की, गंदे पानी और कीचड़ में पैदल चलकर लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन को राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
महिलाओं ने रोते हुए सुनाई पीड़ा
दीया कुमारी जब स्वास्तिक नगर पहुंचीं तो वहां का नजारा बेहद मार्मिक था। कॉलोनी की महिलाएं उनकी गाड़ी के पास पहुंचीं और रोते हुए हाथ जोड़कर मदद की गुहार लगाने लगीं। किसी ने घर के नुकसान का दर्द बताया, तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई पर संकट की चिंता जताई।
एक महिला ने अपने बच्चों की फटी हुई 10वीं कक्षा की किताबें दिखाते हुए कहा, “मैडम, अब हमारे बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी? किताबें और ड्रेस सब बह गए। हम बहुत परेशान हैं।” दूसरी महिला ने कहा कि बारिश और पानी की तबाही ने हमें बेघर कर दिया है। कई महिलाओं ने डिप्टी सीएम के गले लगकर अपनी व्यथा सुनाई।
इस दौरान पूरा माहौल बेहद भावुक हो गया। कॉलोनी की गलियों में महिलाओं की रुलाई और गुहार गूंजती रही।
पैदल चलकर लिया हालात का जायजा
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने पीड़ितों की तकलीफ देखकर गाड़ी छोड़ दी और गंदे पानी और कीचड़ से होते हुए कॉलोनी के अंदर पैदल चलीं। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। दीया कुमारी ने प्रशासन को निर्देश दिए कि जो मकान टूटने की स्थिति में हैं, वहां रहने वालों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।
“राजस्थान में पहले कभी नहीं हुई ऐसी बारिश”
हालात का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत में दीया कुमारी ने कहा, “बोराज तालाब की पाल टूटने से जो नुकसान हुआ है, उसका सर्वे प्रशासन कर चुका है। सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा, “राजस्थान में पिछले दो सालों में जो बारिश हुई है, वह अभूतपूर्व है। पहले कभी ऐसी बारिश नहीं हुई। इसी वजह से ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा है। आगे की तैयारी के लिए पूरे राजस्थान के शहरों का ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की योजना बनाई जाएगी।”
दीया कुमारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन मौके पर तुरंत सक्रिय हुआ और हालात को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई
डिप्टी सीएम के दौरे से पहले ही प्रशासन ने स्वास्तिक नगर में नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया था। कई घरों को असुरक्षित घोषित किया गया है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर काम चल रहा है। दीया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द सरकार को भेजी जाए ताकि राहत पैकेज का वितरण किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से उपेक्षित रहे ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड करना अब प्राथमिकता होगी। खासकर अजमेर जैसे शहरों में, जहां बारिश का पानी बार-बार संकट खड़ा कर देता है, वहां स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
जनता की उम्मीदें और सरकार की चुनौती
स्वास्तिक नगर की इस त्रासदी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजस्थान के शहरी इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम इस तरह की भारी बारिश और जलभराव से निपटने के लिए तैयार है। जनता को राहत और पुनर्वास की तात्कालिक जरूरत है, वहीं सरकार पर स्थायी समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ गया है।


