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SMS अस्पताल में डर्मेटोलॉजी इंस्टीट्यूट तैयार

SMS अस्पताल में डर्मेटोलॉजी इंस्टीट्यूट तैयार

राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रमुख चिकित्सा संस्थान सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में देश का पहला सरकारी क्षेत्र का इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी तैयार हो गया है। यह संस्थान आधुनिक तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा, जहां त्वचा से जुड़ी जटिल बीमारियों से लेकर कॉस्मेटिक उपचार तक की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चिकित्सा विभाग के अनुसार यह संस्थान जल्द ही मरीजों के लिए शुरू किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को कम लागत पर अत्याधुनिक इलाज मिल सकेगा।

यह नया संस्थान एसएमएस अस्पताल के चरक भवन में स्थापित किया गया है। यहां उपलब्ध सुविधाएं निजी कॉस्मेटिक अस्पतालों और क्लीनिकों के स्तर की होंगी, लेकिन मरीजों को उपचार बहुत कम कीमत पर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा जो महंगे निजी संस्थानों में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला संस्थान

राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार यह संस्थान डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक और उपचार पद्धतियों से लैस होगा। उन्होंने बताया कि इस तरह की सुविधाओं वाला संस्थान दुनिया में बहुत कम जगहों पर उपलब्ध है और लंदन के बाद यह विश्व का दूसरा ऐसा संस्थान माना जा रहा है जहां डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में इतने उन्नत स्तर की चिकित्सा सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इस संस्थान की स्थापना का उद्देश्य त्वचा रोगों के इलाज को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां न केवल सामान्य त्वचा रोगों का उपचार होगा बल्कि जन्मजात कॉस्मेटिक समस्याओं, स्किन टाइटनिंग, झुर्रियां हटाने और बालों से जुड़ी समस्याओं का भी उन्नत इलाज किया जाएगा।

आधुनिक लेजर तकनीकों से होगा इलाज

इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में कई अत्याधुनिक लेजर मशीनें स्थापित की गई हैं जो विभिन्न प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार में उपयोगी हैं। इन मशीनों में डायोड लेजर, फ्रेक्शनल कार्बन डाइऑक्साइड लेजर, एक्साइमर लेजर, एनडी-याग लेजर और अलेक्जेंड्राइट लेजर जैसी तकनीकें शामिल हैं। ये सभी लेजर तकनीकें त्वचा के विभिन्न रोगों और कॉस्मेटिक समस्याओं के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनकी मदद से जन्मजात त्वचा रोगों, त्वचा पर पड़े दाग-धब्बों, रंग संबंधी समस्याओं और अन्य जटिल चर्म रोगों का प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल निजी कॉस्मेटिक क्लीनिकों में लंबे समय से किया जा रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में इस स्तर की सुविधाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं। एसएमएस अस्पताल में इन सुविधाओं के शुरू होने से आम मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

बाल उगाने और झुर्रियां हटाने की सुविधा

इस संस्थान में आधुनिक कॉस्मेटिक उपचार की भी व्यवस्था की गई है। यहां पीआरपी पद्धति यानी प्लेटलेट रिच प्लाज्मा तकनीक के माध्यम से बाल उगाने का उपचार किया जाएगा। यह तकनीक बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए काफी प्रभावी मानी जाती है।

इसके अलावा यहां हाईफू तकनीक के माध्यम से स्किन टाइटनिंग और चेहरे की झुर्रियां कम करने का इलाज भी किया जाएगा। यह तकनीक त्वचा को बिना सर्जरी के कसने और चेहरे को युवा रूप देने में मदद करती है।

सफेद दाग और सोरायसिस का उन्नत उपचार

इस संस्थान में कई गंभीर त्वचा रोगों के इलाज की भी आधुनिक व्यवस्था की गई है। लेजर तकनीक की मदद से सफेद दाग और सोरायसिस जैसे जटिल रोगों का उपचार किया जाएगा। इसके अलावा रेडियो फ्रीक्वेंसी और क्रायो तकनीक के माध्यम से विभिन्न चर्म रोगों का इलाज भी संभव होगा। त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार इन तकनीकों से कई ऐसे रोगों का उपचार संभव हो सकेगा जिनका इलाज पहले काफी कठिन माना जाता था। आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद से मरीजों को बेहतर और तेज उपचार मिल सकेगा।

कम लागत में मिलेगा महंगा इलाज

आमतौर पर इस तरह के कॉस्मेटिक और लेजर उपचार निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में बहुत महंगे होते हैं। कई मामलों में मरीजों को एक उपचार के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

लेकिन एसएमएस अस्पताल में इन उपचारों को न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीज भी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से राजस्थान में चिकित्सा सेवाओं का स्तर और मजबूत होगा और राज्य चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकेगा।

त्वचा रोग उपचार में नया केंद्र बनेगा जयपुर

एसएमएस अस्पताल में स्थापित यह नया इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यहां उपलब्ध सुविधाओं के कारण दूर-दराज के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए जयपुर आ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संस्थान के शुरू होने से त्वचा रोगों के उपचार और कॉस्मेटिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा। आधुनिक तकनीकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और कम लागत में उपलब्ध इलाज के कारण यह संस्थान आने वाले समय में देश के प्रमुख डर्मेटोलॉजी केंद्रों में शामिल हो सकता है।

राज्य सरकार की इस पहल को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मरीजों के लिए यह संस्थान अत्याधुनिक चिकित्सा और सुलभ इलाज का नया विकल्प साबित होगा।

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