मनीषा शर्मा। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि उनके समाज ने कई पीढ़ियों तक अन्याय, अभाव और उपेक्षा को सहा है, लेकिन अब समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि समाज आज शिकायतों से ऊपर उठकर शिक्षा को समाधान के रूप में अपना रहा है। डिप्टी सीएम यह बातें दौसा जिले के लालसोट रोड स्थित बैरवा छात्रावास में आयोजित स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान एक युवा ने समाज के साथ हो रहे अन्याय की बात रखी, लेकिन उससे ज्यादा संतोष इस बात का है कि समाज अब केवल शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है।
बाबा साहब का जीवन लोक-कल्याण और समता के लिए समर्पित
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अपने संबोधन में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन समतामूलक समाज की स्थापना और लोक-कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक चेतना से ओत-प्रोत बाबा साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बाबा साहब के शिक्षा और संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। समाज के हर वर्ग को उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो का संदेश
डिप्टी सीएम बैरवा ने कहा कि बाबा साहब ने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का जो मंत्र दिया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक भेदभाव के अंत और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि शिक्षा को प्राथमिकता दें और संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ें।
बोले- समाज के किसी व्यक्ति का काम हो तो मेरे पास आइए
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मंच से यह भी कहा कि यदि समाज के किसी व्यक्ति का कोई भी काम हो, तो वे सीधे उनके पास आ सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे हर संभव समाधान करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते समाज की समस्याओं का समाधान करना उनका दायित्व है।
मनरेगा नाम बदलने पर कांग्रेस को दिया जवाब
मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर उठे सवालों पर डिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में इस योजना का नाम पहले जवाहर रोजगार योजना था, जिसे बाद में कांग्रेस ने ही बदलकर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में कई कमियां थीं, जिन्हें सुधारते हुए नाम में बदलाव किया गया है। नए बदलावों के साथ अब लोगों को पहले से ज्यादा दिनों तक रोजगार मिलेगा, जिससे जरूरतमंदों को राहत मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ओमप्रकाश बैरवा, पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल, छात्रावास समिति अध्यक्ष बलवीर बंशीवाल, रोहित बंशीवाल और जिलाध्यक्ष बाबूलाल टोरडा ने भी संबोधित किया। इसके अलावा डॉ. कल्याण सहाय बैरवा, एडवोकेट रवि सिकराय, हनुमान पांचोली सहित समाज के कई गणमान्य लोग और छात्र उपस्थित रहे।
प्रतिभाओं का सम्मान, शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश
समारोह के दौरान समाज की प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाते हैं और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा का यह संदेश साफ तौर पर सामने आया कि शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे पीढ़ियों से चले आ रहे अन्याय, भेदभाव और अभाव को खत्म किया जा सकता है।


