मनीषा शर्मा। बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में 4 अगस्त को हुई युवक सोनू सिंह हाड़ा की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और निजी रंजिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि डाबी निवासी सोनू सिंह हाड़ा की पत्नी ने 4 अगस्त को उसके भाई भंवर सिंह को फोन कर जानकारी दी कि सोनू का मोबाइल बंद आ रहा है। परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। खोजबीन के दौरान सोनू का खून से लथपथ शव गांव के ही एक खाली प्लॉट में मिला, जिस पर चाकू से कई बार वार किया गया था।
भंवर सिंह की रिपोर्ट के आधार पर डाबी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के सुपरविजन में और सीओ हेमंत गौतम के निर्देशन में डाबी, तालेड़ा, नमाना, रायथल और डीसीआरबी टीम को जांच में लगाया गया।
हत्या के पीछे था प्रेम प्रसंग और रंजिश
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर स्थानीय आरोपी अरमान मोहम्मद को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पिछले तीन-चार वर्षों से मृतक सोनू सिंह हाड़ा की पत्नी से प्रेम करता था और सोनू इस पर आपत्ति जताता था। इसी कारण अरमान को सोनू से रंजिश हो गई थी।
अरमान ने तीन महीने पहले कोटा में रहने वाले अपने तीन दोस्तों – आकाश उर्फ गोल्डी यादव (23), आशीष उर्फ आशु राठौर (19) और अनिल मीणा (19) से संपर्क किया और सोनू की हत्या के लिए 1 लाख रुपये की सुपारी दी। योजना के तहत 50 हजार रुपये पहले दिए गए और 50 हजार रुपये हत्या के बाद देने की बात तय हुई।
जन्मदिन की पार्टी की आड़ में दी वारदात को अंजाम
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए अरमान ने 4 अगस्त को अपने जन्मदिन का बहाना बनाया और तीनों सुपारी किलर्स को कोटा से डाबी बुलाया। अरमान ने सोनू को एक खाली प्लॉट में बुलवाया। वहां आकाश और आशीष ने चाकू से उस पर हमला किया। जब सोनू ने विरोध किया तो अरमान ने भी चाकू से उसके गले पर वार किया।
अनिल मीणा पहले से मोटरसाइकिल के साथ तैयार खड़ा था, जिससे हत्या के बाद आरोपी वहां से भाग सके। हत्या के तुरंत बाद चारों आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए और खुद को छिपाने के लिए एक होटल में जन्मदिन की पार्टी में शामिल हो गए।
मुल्जिमों की गिरफ्तारी में जुटीं कई टीमें
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए डाबी थाने के सहायक उप निरीक्षक दुर्गालाल गौतम, हेड कांस्टेबल हरीश, कांस्टेबल श्रवणराम और विजय की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। वहीं तालेड़ा थाने से एसएचओ अजीत बगडोलिया और कांस्टेबल रामचंद्र, नमाना थाने से एसएचओ धर्माराम, एएसआई रोशनलाल सहित कांस्टेबलों की टीम, रायथल थाने से एसएचओ राजाराम और हेड कांस्टेबल रणजीत तथा डीसीआरबी और डीएसटी टीम के सदस्यों ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की तेजी से खुला राज, हत्या का मुख्य कारण बना निजी रंजिश
पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और आपसी तालमेल से हत्या की इस जटिल साजिश को सुलझाया। यह मामला सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से एक गंभीर चेतावनी भी है कि कैसे व्यक्तिगत रंजिश और अनैतिक संबंध हत्या जैसे गंभीर अपराध की ओर ले जाते हैं।