राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स (CWSN) श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इस परिणाम में प्रवेशिका, दसवीं मुख्य, बारहवीं मुख्य और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाओं के आंकड़े शामिल हैं, जिनमें कुल मिलाकर विद्यार्थियों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 2296 विद्यार्थियों ने इन परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 2041 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। यह परिणाम इस बात का संकेत है कि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त की है।
प्रवेशिका परीक्षा की बात करें तो इसमें कुल 6 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था और सभी 6 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 4 विद्यार्थी सफल रहे, जिससे इस परीक्षा का कुल परिणाम 66.67 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह आंकड़ा भले ही अन्य परीक्षाओं की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन इसमें शामिल विद्यार्थियों की संख्या सीमित होने के कारण प्रतिशत में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक माना जाता है।
दसवीं मुख्य परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। इसमें कुल 1331 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1275 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 1102 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, जिससे इस परीक्षा का परिणाम 86.57 प्रतिशत रहा। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि CWSN श्रेणी के विद्यार्थी भी माध्यमिक स्तर पर अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा में भाग ले रहे हैं और सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
बारहवीं मुख्य परीक्षा में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। इसमें कुल 1032 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था और 1008 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 928 विद्यार्थी पास हुए, जिससे इस परीक्षा का परिणाम 92.06 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह प्रतिशत उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की मजबूत तैयारी और बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
सबसे उल्लेखनीय परिणाम वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा का रहा, जिसमें 100 प्रतिशत सफलता दर्ज की गई। इस परीक्षा में कुल 7 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था और सभी 7 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। सभी विद्यार्थियों के सफल होने से इस परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे प्रयास सकारात्मक दिशा में जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में यह परिणाम एक महत्वपूर्ण कदम है।


