राजस्थान के लाखों क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस समय जयपुर पर टिकी हुई हैं, जहां इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों के आयोजन को लेकर लगातार असमंजस बना हुआ है। हर साल आईपीएल के दौरान सवाई मानसिंह स्टेडियम में दर्शकों का जोश और उत्साह अलग ही स्तर पर नजर आता है, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। IPL के नए सीजन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मगर अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि जयपुर को घरेलू मुकाबलों की मेजबानी मिलेगी या नहीं।
स्टेडियम दौरा और बैठक का अंतिम समय में रद्द होना
मंगलवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और राजस्थान रॉयल्स के अधिकारियों का दौरा प्रस्तावित था। माना जा रहा था कि इस दौरे के बाद जयपुर में IPL मैचों को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। लेकिन आखिरी समय में इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही स्टेडियम में प्रस्तावित अहम बैठक भी नहीं हो सकी, जिससे असमंजस और गहरा गया।
यह बैठक राज्य के मुख्य सचिव, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया, राजस्थान रॉयल्स के पदाधिकारियों और स्पोर्ट्स काउंसिल अध्यक्ष के बीच होनी थी। बैठक के रद्द होने से तैयारियों की रफ्तार पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि IPL शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है।
सरकार के स्तर पर तेज हुई थी तैयारियां
राज्य सरकार जयपुर में IPL मैचों के आयोजन को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने BCCI सचिव को पत्र लिखकर जयपुर में IPL मुकाबले कराने का औपचारिक आग्रह भी किया था। इसके बाद स्टेडियम में नॉर्थ-साउथ और ईस्ट स्टैंड की साफ-सफाई, रंग-रोगन और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया।
सरकार का मानना है कि जयपुर न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश के प्रमुख क्रिकेट केंद्रों में से एक है। ऐसे में IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट के मुकाबले यहां से हटना राज्य के खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक होगा। इसी वजह से सरकार अपने खर्चे पर स्टेडियम का रिनोवेशन भी करवा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर आयोजन में कमी न रह जाए।
राजस्थान रॉयल्स की आपत्तियां और अंदरूनी कारण
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स प्रबंधन जयपुर में IPL मैच कराने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। पिछले सीजन के अनुभव, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की आंतरिक राजनीति और स्टेडियम की मौजूदा स्थिति को लेकर कराए गए एक गोपनीय सर्वे की रिपोर्ट को भी संतोषजनक नहीं बताया जा रहा है। इन सभी कारणों को देखते हुए टीम प्रबंधन किसी अन्य वेन्यू पर घरेलू मैच कराने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
यही वजह है कि BCCI और राजस्थान रॉयल्स की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। यह चुप्पी जयपुर के क्रिकेट प्रेमियों की चिंता बढ़ा रही है, जो लंबे समय से अपने घरेलू मैदान पर IPL मुकाबलों का इंतजार कर रहे हैं।
समय की कमी और बढ़ता दबाव
IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट के आयोजन के लिए सुरक्षा, टिकटिंग, लॉजिस्टिक्स, ब्रॉडकास्ट और दर्शकों की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों में पर्याप्त समय लगता है। बैठक और स्टेडियम निरीक्षण के रद्द होने से अब समय का दबाव साफ तौर पर नजर आने लगा है। अगर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आयोजन की व्यवहारिकता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी भी लगातार BCCI के संपर्क में बनी हुई है और जयपुर को मुकाबलों की मेजबानी दिलाने के प्रयास कर रही है। इसके बावजूद अंतिम निर्णय अब तक अधर में लटका हुआ है।
क्रिकेट प्रेमियों की बढ़ती बेचैनी
जयपुर और आसपास के इलाकों में IPL का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। हर साल सवाई मानसिंह स्टेडियम खचाखच भरा नजर आता है और राजस्थान रॉयल्स को घरेलू मैदान पर जबरदस्त समर्थन मिलता है। अगर इस बार जयपुर से मैच शिफ्ट होते हैं, तो यह न सिर्फ प्रशंसकों बल्कि राज्य की खेल छवि के लिए भी बड़ा झटका होगा। अब सभी की नजरें BCCI और राजस्थान रॉयल्स के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। आने वाले कुछ दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि जयपुर एक बार फिर IPL के रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनेगा या राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों को मायूसी हाथ लगेगी।


