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बिना अनुमति क्रेडिट कार्ड जारी हुआ? RBI के नए नियम आपकी पूरी सुरक्षा करेंगे

बिना अनुमति क्रेडिट कार्ड जारी हुआ? RBI के नए नियम आपकी पूरी सुरक्षा करेंगे

मनीषा शर्मा। देश भर में कई उपभोक्ता ऐसे मामले देखते हैं जहां बिना किसी आवेदन के उनके घर नया क्रेडिट कार्ड पहुंच जाता है। अचानक आए ऐसे कार्ड को देखकर लोग हैरान हो जाते हैं और अक्सर यह समझ ही नहीं पाते कि क्या करें। ऐसे क्रेडिट कार्ड को भारतीय रिजर्व बैंक ने “Unsolicited Credit Card” की श्रेणी में रखा है। RBI ने इसे गलत प्रथा बताते हुए इस पर कड़े नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार, बिना ग्राहक की अनुमति कार्ड जारी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है और यदि ऐसा होता है तो बैंक को तत्काल कार्रवाई करनी ही होगी।

Unsolicited Credit Card क्या होता है और RBI इसे क्यों रोकता है?

Unsolicited Credit Card वह कार्ड होता है जो ग्राहक ने मांगा ही नहीं, फिर भी उसके नाम पर जारी कर दिया जाता है। RBI का कहना है कि ऐसी प्रैक्टिस से कई तरह के जोखिम बढ़ जाते हैं, जैसे:

  • फ्रॉड के मामले

  • गलत बिलिंग

  • ग्राहक डेटा का दुरुपयोग

  • क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव

इसी कारण RBI ने बैंकों को यह आदेश दिया है कि ग्राहक की स्पष्ट और लिखित सहमति के बिना कार्ड जारी करना गलत है और इसे तुरंत बंद किया जाए।

अगर बिना अनुमति कार्ड आ जाए तो सबसे पहले क्या करें?

RBI की गाइडलाइन के अनुसार ग्राहक को किसी भी हाल में ऐसा कार्ड एक्टिव नहीं करना चाहिए। न तो OTP डालें, न लिंक पर क्लिक करें और न ही कार्ड इस्तेमाल करें। ऐसे में तुरंत तीन कदम उठाने चाहिए:

  1. कार्ड को एक्टिव न करें

  2. किसी भी OTP पर प्रतिक्रिया न दें

  3. बैंक को लिखित में सूचित करें कि आपने कार्ड नहीं मांगा

लिखित शिकायत ईमेल या ब्रांच के माध्यम से की जा सकती है।

RBI का नियम: बैंक को 7 कार्यदिवस में कार्ड बंद करना ही होगा

RBI ने बिना अनुमति जारी कार्डों पर सबसे सख्त नियम लागू किया है। यदि ग्राहक ने कार्ड की स्वीकृति नहीं दी है, तो बैंक को अधिकतम 7 कार्यदिवस में कार्ड बंद करना अनिवार्य है।

इस दौरान बैंक को:

  • कार्ड अकाउंट को 7 दिनों में बंद करना

  • ग्राहक को ईमेल या SMS के माध्यम से पुष्टि भेजना

  • किसी भी प्रकार का शुल्क या चार्ज न लगाना

  • ग्राहक को कार्ड नष्ट करने के निर्देश देना

यदि बैंक तय समय में कार्ड बंद नहीं करता, तो उसे प्रत्येक दिन ग्राहक को 500 रुपये पेनाल्टी देनी होगी।

ग्राहक पर कोई वित्तीय बोझ नहीं

RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति कार्ड जारी होना पूरी तरह बैंक की गलती है। इसलिए:

  • वार्षिक शुल्क

  • प्रक्रिया शुल्क

  • टैक्स

  • फ्यूल चार्ज

  • कार्ड मेंटेनेंस चार्ज

जैसे किसी भी प्रकार का खर्च ग्राहक से नहीं लिया जा सकता।

कार्ड बंद होने के बाद क्या करें?

जब बैंक लिखित रूप में पुष्टि कर दे कि कार्ड अकाउंट बंद किया जा चुका है, तो ग्राहक को इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार कार्ड को चिप सहित तिरछे काटना, मैग्नेटिक स्ट्रिप अलग-अलग टुकड़ों में काटना और फिर ही निस्तारण करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

अगर बैंक आपकी शिकायत नहीं सुनता तो क्या करें?

RBI की Integrated Ombudsman Scheme उपभोक्ताओं को मजबूत सुरक्षा प्रदान करती है। उपभोक्ता निम्न परिस्थितियों में शिकायत दर्ज कर सकता है:

  • बैंक 30 दिनों तक जवाब न दे

  • बैंक शिकायत को खारिज कर दे

  • ग्राहक समाधान से संतुष्ट न हो

RBI Ombudsman में शिकायत कैसे दर्ज करें?

  1. Online Complaint
    ग्राहक https://cms.rbi.org.in पर जाकर पूरी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

  2. Written Complaint
    शिकायत इस पते पर भेजी जा सकती है:
    Centralised Receipt and Processing Centre,
    4th Floor, Reserve Bank of India,
    Sector-17, Central Vista, Chandigarh – 160017

  3. किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी

    • बैंक को की गई शिकायत

    • बैंक का जवाब (यदि मिला हो)

    • कार्ड की कॉपी या फोटो

    • पहचान और पते का प्रमाण

ये नियम जरूरी क्यों हैं?

पिछले कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड फ्रॉड और गलत बिलिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई बैंक मार्केटिंग के नाम पर भी ग्राहकों को अनचाहे कार्ड भेज देते हैं, जिससे:

  • क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है

  • ग्राहक पर गलत चार्ज लग सकता है

  • व्यक्तिगत डेटा का जोखिम बढ़ जाता है

RBI के ये सख्त नियम उपभोक्ताओं की वित्तीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।

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