बालिका शिक्षा को बना कर संकल्प, मिसाल बनी पार्षद काजल यादव

मनीषा शर्मा, अजमेर। बेटियां माता-पिता का मान हैं सम्मान हैं और शिक्षा हर बेटी का अधिकार है। कहने, सुनने, लिखने और पढ़ने में यह बात जितनी अच्छी लगती है, यदि इसे अमल में लाया जाए तो यह बात गर्व महसूस कराती है। इसी बात को हकीकत के धरातल पर साकार करने की पहल की है नगर निगम की पार्षद काजल यादव ने। जिन्होंने अपनी बेटी के स्कूल में प्रवेश के पहले दिन को बेहद यादगार बना दिया।
बेटियों की शिक्षा का लिया है संकल्प
नगर निगम की पार्षद काजल यादव बताती है कि वे जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं वहां अधिकांश जनसंख्या दलित समाज की है। दलित समाज वर्तमान समय में भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है। बेटियों की शिक्षा को भी कोई खास तवज्जो नहीं दी जाती है। इसीलिए उन्होंने समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से अपनी बेटी की शिक्षा को संकल्प बनाया है। अपनी बेटी के स्कूल में प्रवेश के पहले दिन उन्होंने बैड बाजे के साथ घर से बेटी को स्कूल पहुंचाया। वार्ड पार्षद काजल यादव बताती हैं कि बालिका शिक्षा हर बेटी का प्राथमिक अधिकार है जो उसे मिलना ही चाहिए। समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उन्होंने बेटी की शिक्षा को संकल्प बनाया है। ताकि लोग जागरुक होकर बेटियों को उनका बुनियादी अधिकार प्रदान करें। वार्ड पार्षद की यह पहल वाकई में समाज में अनुकरणीय मिसाल बनकर उभरेगी।

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