शोभना शर्मा। नागौर जिले के डीडवाना में शनिवार को एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। यहां निर्दलीय विधायक यूनुस खान को साइबर पुलिस थाने का उद्घाटन करना था। कार्यक्रम का समय 12:15 बजे तय था, लेकिन जब तक विधायक मौके पर पहुंचे, उससे पहले ही पुलिस थाने का उद्घाटन करवा लिया गया। इस घटना से कार्यक्रम के दौरान असहज स्थिति पैदा हो गई और बाद में पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने नाराजगी जाहिर की।
तय समय से पहले हुआ उद्घाटन
जानकारी के अनुसार, डीडवाना में साइबर पुलिस थाने का उद्घाटन समारोह आज आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का आधिकारिक समय 12:15 बजे निर्धारित था। लेकिन कार्यक्रम स्थल पर भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा, जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खडगावत और एसपी ऋचा तोमर पहले ही पहुंच गए। विधायक यूनुस खान का इंतजार किए बिना ही, अधिकारियों और नेताओं ने 12:08 बजे एक बच्ची इशिता के हाथों फीता कटवाकर साइबर पुलिस थाने का उद्घाटन करवा दिया।
विधायक पहुंचे तो माहौल बदला
कुछ ही देर बाद, तय समय पर विधायक यूनुस खान भी उद्घाटन स्थल पर पहुंचे। हालांकि उन्होंने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुपचाप जाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए। लेकिन जब कार्यक्रम के बाद मीडिया ने उनसे इस मामले पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें फीता काटने का कोई शौक नहीं है। उनका असली मकसद डीडवाना की जनता के लिए विकास कार्य करवाना है।
यूनुस खान का तीखा बयान
पत्रकारों से बातचीत में यूनुस खान ने कहा- “मुझे फीता काटने का कोई शौक नहीं है। जिन लोगों को शौक है, वे फीते काटें। मैं जनता के जनादेश की वजह से यहां खड़ा हूं। अगर जनता को नजरअंदाज किया जाएगा तो यह लोकतंत्र का अपमान है। लोकतंत्र की दुहाई देने वालों को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों में केवल एक जनप्रतिनिधि को बुलाकर बाकी को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
सभी विधायकों को बुलाने की मांग
यूनुस खान ने इस मौके पर यह भी कहा कि यह साइबर पुलिस थाना केवल डीडवाना ही नहीं बल्कि लाडनूं, नावां, मकराना और परबतसर विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी काम करेगा। ऐसे में इस कार्यक्रम में इन सभी क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी थी। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री और नावां विधायक विजय सिंह चौधरी सहित सभी विधायक बुलाए जाते तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप होता।
जनता का अपमान बताया
विधायक ने इस पूरे मामले को जनता का अपमान बताया। उनका कहना था कि जब जनता ने उन्हें प्रतिनिधि चुना है तो कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति को दरकिनार करना सही नहीं है। उन्होंने अधिकारियों और आयोजकों के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि को महत्व मिलना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय
यह घटना अब स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गई है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर क्यों विधायक यूनुस खान को नजरअंदाज किया गया। कुछ लोगों का मानना है कि यह महज एक तकनीकी चूक थी, जबकि कई इसे राजनीतिक रणनीति मान रहे हैं।
साइबर पुलिस थाने की अहमियत
गौरतलब है कि डीडवाना में साइबर पुलिस थाना खुलने से साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई में तेजी आएगी। इंटरनेट और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस थाने के जरिए लाडनूं, मकराना और परबतसर सहित आसपास के क्षेत्रों को भी सीधा फायदा मिलेगा।


