मनीषा शर्मा। इस साल जुलाई महीने में Airtel ने अपने लाखों ग्राहकों को एक बड़ा तोहफा देते हुए Perplexity Pro का एक साल का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर किया था। यह ऑफर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्च और रिसर्च टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। Airtel की ओर से यह साफ कहा गया था कि ग्राहकों को Perplexity Pro पूरे एक साल तक बिना किसी शुल्क के इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।
हालांकि अब यह फ्री ऑफर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। दरअसल, Perplexity की ओर से कई यूजर्स को ईमेल मिलने लगे हैं, जिनमें उनसे अपने कार्ड की डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है। इस ईमेल के बाद Airtel ग्राहक और Perplexity इस्तेमाल करने वाले कई लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
Perplexity का तर्क, ट्रायल सिस्टम में किया जा रहा बदलाव
Perplexity की ओर से भेजे गए ईमेल में साफ तौर पर लिखा गया है कि कंपनी अपने Perplexity Pro ट्रायल के काम करने के तरीके में बदलाव कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि इस प्रोग्राम को सही और वास्तविक यूजर्स के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
ईमेल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि Perplexity Pro के लिए किसी भी तरह का चार्ज फ्री ट्रायल खत्म होने के बाद ही लिया जाएगा। यानी अभी तुरंत किसी तरह की रकम नहीं काटी जाएगी। लेकिन इसके लिए जरूरी बताया गया है कि यूजर्स अपनी कार्ड डिटेल्स अपडेट करें, ताकि ट्रायल पीरियड खत्म होने के बाद सब्सक्रिप्शन को ऑटो-रिन्यू किया जा सके।
ऑफर क्लेम करते समय नहीं मांगी गई थीं कार्ड डिटेल्स
यहीं से विवाद की असली जड़ शुरू होती है। जब Airtel ग्राहकों ने Perplexity Pro के इस फ्री ऑफर को क्लेम किया था, तब उनसे किसी भी तरह की कार्ड या पेमेंट डिटेल्स नहीं मांगी गई थीं। यही वजह है कि अब अचानक कार्ड डिटेल्स अपडेट करने की मांग को लेकर यूजर्स असहज महसूस कर रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि अगर कंपनी को शुरू से ही कार्ड डिटेल्स चाहिए थीं, तो ऑफर क्लेम करते वक्त यह शर्त साफ-साफ बताई जानी चाहिए थी। अब एक साल के फ्री प्लान की बात करने के बाद बीच में इस तरह का ईमेल भेजना गलत है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
Perplexity के ईमेल सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर इस मुद्दे को लेकर जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। कई यूजर्स ने आरोप लगाया है कि Perplexity फ्री ऑफर के नाम पर अब जबरदस्ती लोगों से उनके कार्ड की डिटेल्स मांग रही है। कुछ लोगों ने इसे भरोसे के साथ खिलवाड़ बताया है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ यूजर्स इसे एक सामान्य बिजनेस रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर टेक कंपनियां इसी तरह काम करती हैं और वे ऐसे यूजर्स को अपने साथ जोड़ना चाहती हैं, जो उनके प्लेटफॉर्म को लेकर गंभीर हों और आगे चलकर भुगतान करने को तैयार हों।
ज्यादातर यूजर्स क्यों नाराज हैं
हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं को देखें तो ज्यादातर लोगों का मत यही है कि पहले पूरे एक साल के फ्री प्लान का वादा करना और अब कार्ड डिटेल्स मांगना सही नहीं है। यूजर्स का कहना है कि इससे उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं बिना जानकारी के भविष्य में उनके कार्ड से पैसे न कट जाएं।
लोगों का यह भी कहना है कि कंपनी को शुरू से ही पारदर्शिता रखनी चाहिए थी। अगर कार्ड डिटेल्स जरूरी थीं, तो ऑफर क्लेम करते समय ही यह शर्त रखी जानी चाहिए थी, ताकि यूजर्स सोच-समझकर फैसला कर पाते।
क्या कार्ड डिटेल्स न देने पर ट्रायल बंद हो जाएगा?
फिलहाल Perplexity की ओर से इस सवाल पर कोई साफ जवाब नहीं दिया गया है कि जो यूजर्स अपने कार्ड की डिटेल्स अपडेट नहीं करेंगे, उनका फ्री ट्रायल जारी रहेगा या रद्द कर दिया जाएगा। इसी अनिश्चितता की वजह से कई यूजर्स असमंजस में हैं।
ऐसे में टेक जानकारों का कहना है कि अगर Perplexity का फ्री ट्रायल आपके लिए बहुत जरूरी नहीं है, तो फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है। वहीं अगर यह टूल आपके काम में अहम भूमिका निभाता है, तो कार्ड डिटेल्स अपडेट करके ट्रायल जारी रखा जा सकता है, लेकिन साथ ही सब्सक्रिप्शन सेटिंग्स पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
ट्रायल खत्म होने से पहले कैंसिल करने का विकल्प
एक राहत की बात यह है कि Perplexity Pro के फ्री ट्रायल खत्म होने से पहले किसी भी तरह का रिन्यू चार्ज नहीं लिया जाएगा। यानी अगर कोई यूजर कार्ड डिटेल्स अपडेट करता भी है, तो वह ट्रायल पीरियड खत्म होने से पहले सब्सक्रिप्शन को कैंसिल कर सकता है और किसी भी चार्ज से बच सकता है।
ChatGPT और Gemini को लेकर भी चिंता
Perplexity के इस कदम के बाद लोग अन्य AI टूल्स जैसे ChatGPT और Google Gemini के फ्री ट्रायल को लेकर भी सवाल उठाने लगे हैं। भारतीय बाजार में Perplexity के फ्री ट्रायल के बाद ही ChatGPT और Google Gemini ने अपने फ्री ट्रायल ऑफर लॉन्च किए थे।
हालांकि ChatGPT ने अपने साल भर के फ्री ट्रायल के दौरान शुरुआत में ही यूजर्स से कार्ड डिटेल्स ले ली थीं। इस वजह से भविष्य में ChatGPT की ओर से इस तरह का ईमेल आने की संभावना कम मानी जा रही है। वहीं Google Gemini को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है कि वह भविष्य में क्या कदम उठाएगा।
भरोसे की परीक्षा में Perplexity
कुल मिलाकर Airtel-Perplexity Pro फ्री ऑफर अब एक भरोसे की परीक्षा बन गया है। एक तरफ कंपनी इसे सिस्टम सुधार और असली यूजर्स की पहचान से जोड़कर देख रही है, तो दूसरी तरफ यूजर्स इसे वादे से पीछे हटने के तौर पर महसूस कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि Perplexity इस मुद्दे पर और क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या Airtel की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने आती है।


