मनीषा शर्मा। राजस्थान में युवाओं के लिए सबसे बड़ी और चर्चित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 की शुरुआत आज यानी 13 सितंबर से हो गई है। इस परीक्षा का आयोजन राज्य सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड की देखरेख में किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 10 हजार पदों को भरा जाएगा। इन पदों के लिए राज्यभर से भारी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 5 लाख 24 हजार 740 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा का आयोजन
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन दो दिनों तक किया जा रहा है। परीक्षा कुल तीन पारियों में होगी। 13 सितंबर को दोपहर 3 बजे से पहली पारी का आयोजन किया गया है। वहीं, 14 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तक पहली पारी और दोपहर 3 से 5 बजे तक दूसरी पारी होगी। परीक्षा केंद्र जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर सहित सभी प्रमुख जिलों में बनाए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं। नियमानुसार, परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है ताकि प्रवेश और चेकिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।
किन पदों पर होगी भर्ती
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 में कुल 10 हजार पद शामिल हैं। इनमें कई विशेष पद भी सम्मिलित हैं:
RAC महिला बटालियन अमृता देवी, कालीबाई और पद्मिनी देवी के लिए कुल 1500 पद
पुलिस दूरसंचार विभाग में 1469 पद
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से इस भर्ती प्रक्रिया में 33% आरक्षण (कुल 3303 पद) महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग महिला उम्मीदवारों को भी समान अवसर प्रदान करना चाहते हैं।
योग्यता के मानदंड
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 में चयनित होने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंक हासिल करने की शर्त रखी गई है।
सामान्य, EWS, BC और EBC वर्ग के लिए न्यूनतम 40% अंक अनिवार्य
SC और ST वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 36% अंक की शर्त
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सभी वर्गों को न्यायपूर्ण अवसर मिले और परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे।
नकल रोकने के लिए कड़े नियम
राजस्थान सरकार ने इस बार परीक्षा में नकल रोकने के लिए बेहद सख्त नियम और प्रावधान लागू किए हैं। परीक्षा संचालन के दौरान यदि कोई अभ्यर्थी अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए या किसी अनियमित गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती) में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2022 और इसके संशोधन अधिनियम, 2023 लागू किए गए हैं। इस अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी पाए जाने पर:
10 लाख रुपए से लेकर अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
दोषी को 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
ऐसे अभ्यर्थी को भविष्य की दो आगामी परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित किया जाएगा।
इन प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिले।


