मनीषा शर्मा। राजस्थान में तीन विधायकों से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस प्रकरण को लेकर जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, वे खुद को साजिश का शिकार बता रहे हैं। बयाना से विधायक रितु भनावत और उनके पति ऋषि बंसल ने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
‘डील’ शब्द जोड़कर छवि खराब करने का आरोप
विधायक रितु भनावत ने साफ कहा कि उनके नाम के साथ ‘डील’ शब्द जानबूझकर जोड़ा गया, ताकि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि डील का मतलब होता है किसी प्रकार का लेनदेन, पैसे का आदान-प्रदान, लिखित सहमति या किसी मांग का पूरा होना। कथित स्टिंग वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं है, फिर भी इसे इस तरह पेश किया गया, मानो कोई बड़ा सौदा हुआ हो।
रितु भनावत का कहना है कि वीडियो को एडिट करके गलत संदर्भ में दिखाया गया और जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया, जिसका मकसद उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करना है।
वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सफलता
विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों के संघर्ष और मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। जमीन से राजनीति शुरू करने वाली महिला नेता के रूप में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है। अब जब वे एक जनप्रतिनिधि के तौर पर काम कर रही हैं, तो कुछ लोग उन्हें पीछे धकेलने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोष होता, तो वे सबसे पहले जिम्मेदारी लेने को तैयार होतीं, लेकिन बिना ठोस आधार के किसी को बदनाम करना न केवल गलत है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक है।
विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से अपील
रितु भनावत ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से स्पष्ट अपील की है। उन्होंने कहा कि कथित स्टिंग का पूरा, बिना एडिट किया हुआ वीडियो सदन के पटल पर मंगवाया जाना चाहिए। यदि जांच के बाद वे दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन अगर वे निर्दोष साबित होती हैं, तो स्टिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाए। उनका कहना है कि आधा-अधूरा वीडियो दिखाकर सच्चाई को तोड़ा-मरोड़ा गया है और इसका जवाब केवल पारदर्शी जांच से ही मिल सकता है।
न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने का ऐलान
विधायक रितु भनावत ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेंगी। उन्होंने कहा कि वे हर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं और सच को सामने लाकर रहेंगी। उनके अनुसार, यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की साख से जुड़ा विषय है।
पति ऋषि बंसल का दावा: लगातार दबाव और कमीशन का लालच
इस पूरे मामले में विधायक के पति ऋषि बंसल ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति लगातार जबरदस्ती उनसे मिलने का प्रयास कर रहा था। वे जहां-जहां जाते, वह व्यक्ति वहां पहुंच जाता। ऋषि बंसल का कहना है कि उन्होंने बार-बार स्पष्ट किया कि विधायक निधि समाप्त हो चुकी है और किसी भी तरह की सिफारिश या काम संभव नहीं है।
इसके बावजूद वह व्यक्ति उन्हें कमीशन का लालच देता रहा। पहले 30 प्रतिशत, फिर 35 प्रतिशत और यहां तक कि 40 प्रतिशत कमीशन की बात सामने आई। जब बात 40 प्रतिशत तक पहुंची, तो उन्हें उसकी नीयत पर शक हुआ।
मंशा समझने के लिए बातचीत जारी रखने का दावा
ऋषि बंसल ने बताया कि शक होने के बाद उन्होंने जानबूझकर बातचीत जारी रखी, ताकि सामने वाले की मंशा पूरी तरह समझ सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने 2026 के लिए भी पत्र देने की बात कही और पैसे देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई पैसा स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान न तो किसी तरह का सौदा हुआ और न ही कोई लेनदेन किया गया, फिर भी वीडियो को इस तरह पेश किया गया, मानो सब कुछ तय हो चुका हो।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
ऋषि बंसल ने साफ कहा कि वे पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे और सच्चाई को सामने लाएंगे। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक परिवार को बदनाम करने का प्रयास नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की खतरनाक प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।
सियासी घमासान और आगे की राह
कथित स्टिंग ऑपरेशन के बाद राजस्थान की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर यह मामला अब जांच और कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। रितु भनावत और उनके पति के बयानों से स्पष्ट है कि वे इस मुद्दे को अंत तक ले जाने के मूड में हैं।


