शोभना शर्मा। राजस्थान के भरतपुर जिले के पीलूपुरा में रविवार को गुर्जर समाज की एक महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें देशभर से समाज के हजारों लोग शामिल हुए। इस महापंचायत का नेतृत्व बीजेपी नेता और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, “मेरे सिर की लाल पगड़ी बैंसला साहब की आखिरी निशानी है, मुझे हल की तरह चलाओ और सपोर्ट करो।”
सरकार से 7 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
महापंचायत के दौरान सरकार और गुर्जर समाज के बीच सात महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। इन मांगों में MBC आरक्षण, आंदोलन के मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी, लंबित नियुक्तियां, और आंदोलन के समय दर्ज मुकदमों की वापसी शामिल हैं। मसौदा सुनाए जाने के बाद विजय बैंसला ने महापंचायत समाप्ति की घोषणा की।
सहमत मांगें:
MBC आरक्षण विधेयक को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करना।
आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए समझौते की पूरी पालना।
सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करना।
देवनारायण योजना को प्रभावी तरीके से लागू करना।
आंदोलन के समय दर्ज मुकदमों की वापसी।
मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति।
रीट भर्ती 2018 के बचे 372 पदों पर नियुक्ति।
रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन, ट्रेनें हुईं प्रभावित
हालांकि सरकार और समाज के बीच समझौता होने के बावजूद महापंचायत का निर्णय गुर्जर युवाओं को रास नहीं आया। नाराज युवाओं ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और कोटा-मथुरा पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया गया। भीड़ ने न केवल ट्रैक पर कब्जा किया, बल्कि पटरियों को नुकसान भी पहुंचाया।
इस आंदोलन के कारण रेलवे सेवाएं बाधित हो गईं। मथुरा और सवाई माधोपुर के बीच यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। पैसेंजर ट्रेन के कई यात्रियों को हिंडौन तक पैदल चलना पड़ा।


