शोभना शर्मा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। बारां जिले के दौरे पर पहुंचे दिलावर ने पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पार्टी पर हिंदू विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा— “जहां आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना हुआ है, वहां कांग्रेस शौचालय बनाना चाहती थी। यह वही सोच है जो सदियों से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाती रही है।” दिलावर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धर्म और राजनीति के मेल पर बहस तेज हो गई है।
बारां में पत्रकारों से की खुली बातचीत
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर गुरुवार को निजी कार्यक्रम में शामिल होने बारां पहुंचे थे। उन्होंने इस दौरान मीडिया से भी बातचीत की और राज्य सरकार की सेवा माह के तहत लगाए जा रहे ग्रामीण और शहरी शिविरों को लेकर जानकारी साझा की। दिलावर ने बताया कि इन शिविरों से आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा— “राज्य सरकार जनता के बीच जा रही है। चाहे बिजली हो, पानी या पेंशन, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने बताया कि सेवा शिविरों में अब तक हजारों लोगों को राज्य की योजनाओं से जोड़ा गया है और यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।
डोटासरा को बताया ‘बेईमान लेकिन परम मित्र’
पत्रकारों ने जब उनसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर सवाल किया तो दिलावर ने चुटकी लेते हुए कहा— “डोटासरा बेईमान हैं, लेकिन मेरे परम मित्र हैं। सामाजिक होने के नाते हमें बेईमानों से भी मित्रता रखनी पड़ती है।” दिलावर का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। गौरतलब है कि डोटासरा और दिलावर के बीच जुबानी जंग पहले भी कई बार देखने को मिल चुकी है। दोनों नेता मंचों से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे हैं, लेकिन साथ ही आपसी “मित्रता” का दावा भी करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दोस्ती और विरोध का मिश्रण राजस्थान की राजनीति में अद्वितीय है, जहां दोनों नेता एक-दूसरे पर हमला भी करते हैं और आपसी सम्मान भी बनाए रखते हैं।
राज्य सरकार की योजनाओं का किया बखान
दिलावर ने पत्रकारों से बातचीत में राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार गरीबों और किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा— “हमारी सरकार ‘जनता के द्वार’ पहुंचने की नीति पर चल रही है। सेवा माह शिविरों में हर नागरिक की शिकायत सुनी जा रही है और मौके पर उसका समाधान किया जा रहा है।” दिलावर ने दावा किया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं।
अंता उपचुनाव से पहले बीजेपी नेताओं की सक्रियता बढ़ी
दिलावर का बारां दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी। 6 अक्टूबर को आचार संहिता लागू होने के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बीजेपी ने इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता अंता क्षेत्र में लगातार दौरे और बैठकें कर रहे हैं। दिलावर का यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि भाजपा सरकारी योजनाओं की सफलता और संगठन की मजबूती को जनता के बीच प्रमुख मुद्दे के रूप में पेश करने की रणनीति बना रही है।
अयोध्या और कांग्रेस पर दिलावर के बयान का राजनीतिक असर
दिलावर के “कांग्रेस शौचालय बनाना चाहती थी” वाले बयान को भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब कांग्रेस लगातार भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाती रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान भाजपा कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने और कांग्रेस पर सीधा प्रहार करने की रणनीति का हिस्सा है।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय चुनावों में अपने प्रमुख प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करती रही है।
डोटासरा-दिलावर विवाद: राजनीतिक नोकझोंक से आगे
राजस्थान की राजनीति में गोविंद सिंह डोटासरा और मदन दिलावर के बीच की नोकझोंक नई नहीं है। दोनों नेता कई बार एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, नीतिगत असहमति और राजनीतिक बेईमानी के आरोप लगा चुके हैं।
हालांकि, दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंध मधुर बताए जाते हैं। दिलावर ने अपने बयान में इसे फिर से दोहराते हुए यह स्पष्ट किया कि “राजनीति में विरोध होना चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत संबंध नहीं टूटने चाहिए।” यह बयान राजस्थान की सियासत में एक अलग तरह का संदेश देता है, जहां कटु आलोचना के बावजूद आपसी संवाद बना रहता है।
उपचुनाव में बारां जिले का बढ़ता महत्व
अंता विधानसभा उपचुनाव ने बारां जिले को राजनीतिक रूप से अत्यंत सक्रिय बना दिया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल इस क्षेत्र को प्रतिष्ठा की सीट मान रहे हैं। जहां कांग्रेस ने पहले ही प्रमोद जैन भाया को उम्मीदवार घोषित कर बढ़त ली है, वहीं बीजेपी अपने प्रत्याशी के चयन को लेकर अभी मंथन में जुटी हुई है। दिलावर का दौरा इस बात का संकेत है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता स्थानीय समीकरणों को समझने और संगठन की मजबूती पर काम कर रहे हैं।
राजनीतिक माहौल और जनता की उम्मीदें
बारां और आसपास के इलाकों में जनता इस समय सरकारी योजनाओं, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक वादों को लेकर चर्चा में है। शिक्षा मंत्री के तौर पर दिलावर का दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर ठोस नीतिगत निर्णयों की उम्मीद कर रहे हैं। दिलावर ने भी भरोसा दिलाया कि सरकार “हर व्यक्ति तक विकास पहुंचाने” के अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित है।


