शोभना शर्मा। देश में महंगाई से राहत की एक ताज़ा खबर आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹24 की कटौती की घोषणा की है, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। यह नई दरें 1 जून 2025 से लागू हो गई हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब यह सिलेंडर ₹1,752 में उपलब्ध होगा, जो पहले ₹1,776 में बिक रहा था। इसी के साथ देश के अन्य शहरों में भी कीमतों में समान रूप से बदलाव किया गया है।
लगातार दूसरी बार कीमत में कमी
यह लगातार दूसरा महीना है जब ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कटौती की है। मई 2025 में ₹14.50 की कटौती की गई थी। यह कटौती होटल व खानपान उद्योग जैसे व्यवसायों के लिए राहत का संदेश लेकर आई है, जहां एलपीजी सिलेंडर का रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में नई कमर्शियल एलपीजी कीमतें
अजमेर: ₹1,704
अलवर: ₹1,791
जयपुर: ₹1,752
जोधपुर: ₹1,764
उदयपुर: ₹1,821
कोटा: ₹1,796
बीकानेर: ₹1,786
भीलवाड़ा: ₹1,742
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हर शहर में दरें थोड़ी-बहुत अलग हैं, जो परिवहन, स्थानीय कर और भंडारण लागत जैसे कारकों पर आधारित होती हैं।
घरेलू एलपीजी कीमतें यथावत
जहाँ व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में राहत दी गई है, वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम उपभोक्ता अब भी घरेलू सिलेंडर के लिए वही मूल्य चुका रहे हैं जो पिछले महीने था। सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को ग्लोबल क्रूड ऑयल प्राइस, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अन्य लागत कारकों को ध्यान में रखते हुए एलपीजी के दाम तय करती हैं।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी राहत
सिर्फ एलपीजी ही नहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी 4.4% यानी ₹3,954.38 प्रति किलोलीटर की कटौती की गई है। अब एटीएफ की कीमत घटकर ₹85,486.80 प्रति किलोलीटर हो गई है। यह कटौती एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एविएशन कंपनियों को राहत प्रदान करेगी, क्योंकि एविएशन सेक्टर में ईंधन लागत कुल ऑपरेशन लागत का करीब 30% होती है।
गौरतलब है कि 1 अप्रैल को भी ATF की कीमतों में ₹5,870.54 प्रति किलोलीटर यानी 6.15% की कटौती की गई थी। लगातार हो रही यह कटौतियाँ इंडस्ट्री के लिए अच्छा संकेत मानी जा रही हैं।
व्यावसायिक और एविएशन सेक्टर को सीधी राहत
एलपीजी और एटीएफ दोनों की कीमतों में कमी का सीधा असर भारत की दो महत्वपूर्ण इंडस्ट्रीज—हॉस्पिटैलिटी और एविएशन—पर पड़ेगा। होटल, ढाबा और फूड आउटलेट्स जैसे छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। लागत में आई यह कमी उनके मुनाफे को बढ़ा सकती है या ग्राहकों को अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर सेवाएं प्रदान करने में मदद कर सकती है।
वहीं दूसरी ओर, एविएशन सेक्टर, जो पहले ही ईंधन महंगाई और घाटे से जूझ रहा था, अब कुछ राहत की उम्मीद कर सकता है। टिकट की कीमतों पर इसका प्रभाव पड़ेगा या नहीं, यह देखना अभी बाकी है।
क्या आगे भी राहत की उम्मीद है?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें यदि स्थिर या कम बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती देखी जा सकती है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी इसका परोक्ष प्रभाव पड़ सकता है। सरकार भी चुनावी मौसम और मुद्रास्फीति की निगरानी को ध्यान में रखते हुए कंपनियों पर दाम नियंत्रण का दबाव बनाए रख सकती है।


