उत्तर भारत में जारी भीषण ठंड और शीतलहर का असर राजस्थान में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। शेखावाटी से लेकर मारवाड़ तक ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में रात और सुबह के समय तापमान बेहद नीचे चला गया है, जिससे खेतों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ जैसी परत में तब्दील हो गई हैं। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सुबह-शाम की ठंड अभी भी लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 48 घंटों तक प्रदेश में शीतलहर का असर इसी तरह बना रहने की संभावना है।
लूणकरणसर और फतेहपुर में शून्य के करीब तापमान
बीकानेर जिले का लूणकरणसर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं शेखावाटी क्षेत्र के सीकर जिले के फतेहपुर में पारा 2.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नागौर और माउंट आबू जैसे इलाकों में भी तापमान 2 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है।
अगर अधिकतम तापमान की बात करें तो बाड़मेर में दिन का तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके विपरीत न्यूनतम तापमान के मामले में लूणकरणसर सबसे ठंडा स्थान रहा।
प्रमुख जिलों में न्यूनतम तापमान की स्थिति
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अजमेर में 8.4 डिग्री, भीलवाड़ा में 9.2 डिग्री, अलवर में 3.0 डिग्री, जयपुर में 10.4 डिग्री, पिलानी में 4.1 डिग्री और सीकर में 4.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
कोटा में 9.2, चित्तौड़गढ़ में 9.6, बाड़मेर में 9.6, जैसलमेर में 4.7, जालौर में 7.5, जोधपुर में 7.8 और माउंट आबू में 2.4 डिग्री तापमान रहा।
इसके अलावा बीकानेर में 5.5, चूरू में 4.5, श्रीगंगानगर में 3.5, नागौर में 2.6, सिरोही में 4.7, करौली में 3.2, दौसा में 4.9 और झुंझुनूं में 3.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
IMD का येलो अलर्ट और 48 घंटे की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने साफ किया है कि शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में उत्तरी हवाओं की गति फिलहाल कम है, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके बावजूद रात और सुबह के समय शीतलहर का असर बना रहेगा। IMD के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
19 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ की संभावना
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 18 जनवरी तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहने की संभावना है। इसके बाद 19 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यह स्थिति दो से तीन दिन तक बनी रह सकती है।
खेती और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
तेजी से गिरते तापमान और ओस जमने के कारण रबी फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हल्की सिंचाई करने और रात के समय खेतों में धुआं करने की सलाह दी है। वहीं आम लोगों को कोहरे के दौरान सावधानी से वाहन चलाने और ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की हिदायत दी गई है।


