शोभना शर्मा। राजस्थान में सर्द हवाओं का दौर एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार दिसंबर के शुरुआती दिनों से तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिलेगी। रात के न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। 3 दिसंबर से राज्य के झालावाड़, सवाईमाधोपुर और चूरू जिलों में शीतलहर की शुरुआत होने की संभावना जताई गई है, जिससे सर्दी का प्रकोप और बढ़ेगा।
शेखावाटी क्षेत्र में तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज होने की संभावना है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 2 से 4 दिसंबर के बीच शेखावाटी में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह सीजन की सबसे ठंडी रातों में से एक साबित हो सकती है।
सोमवार को भी राजस्थान के कई हिस्सों में सर्दी का असर स्पष्ट देखा गया। प्रदेश के 10 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया गया। तापमान के आंकड़ों के अनुसार अलवर में 8 डिग्री, पिलानी में 7.2, सीकर में 8.5, चूरू में 7.4, श्रीगंगानगर में 7.8, नागौर में 8.8, फतेहपुर में 6.5, दौसा में 9.4, लूणकरणसर में 5.8 और झुंझुनूं में 9.3 डिग्री दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि उत्तर भारत की ठंडी हवाएं राजस्थान में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की स्थिति में है, जिसका प्रभाव 5 दिसंबर के बाद राजस्थान में व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के कारण ठंडी हवाओं की तीव्रता बढ़ेगी और न्यूनतम तापमान में जोरदार गिरावट आ सकती है। अंदेशा है कि दिसंबर से फरवरी तक कड़ाके की सर्दी पड़ेगी और शीतलहर के दिन सामान्य से अधिक रह सकते हैं।
हालांकि, इस बार पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली मावठ कम रहने की संभावना है, जिसके चलते दिन का तापमान औसत के आसपास ही बना रह सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और आम व्यक्तियों को सलाह दी है कि आने वाले दिनों में बढ़ती ठंड के चलते सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें, विशेषकर रात और सुबह के समय तापमान में गिरावट के दौरान स्वास्थ्य और खेती पर ध्यान देने की जरूरत होगी।


