मनीषा शर्मा, अजमेर। अजमेर में सर्दी लगातार तेज होती जा रही हैं। नए साल की शुरुआत के साथ ही शहर शीतलहर और गलन भरी ठंड की चपेट में आ गया है। बीते 24 घंटों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिला, जिसके चलते एक ही दिन में न्यूनतम तापमान करीब 3.8 डिग्री तक नीचे गिर गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान घटकर 9.9 डिग्री पर पहुंच गया।
सुबह-शाम हल्के से मध्यम कोहरे का असर बना हुआ है। शहर की पहाड़ियाँ धुंध में छिपी नजर आईं और कई इलाकों में दृश्यता कम रही। जयपुर, ब्यावर और नसीराबाद नेशनल हाइवे पर भी सुबह के समय कोहरे के कारण ट्रैफिक सामान्य दिनों के मुकाबले धीमा रहा। सुबह 9 बजे तक वाहनों को हेडलाइट्स के साथ चलना पड़ा और देर सुबह लगभग साढ़े 10 बजे के बाद हल्की धूप निकलने पर लोगों को थोड़ी राहत मिली।
ठंडी हवाएँ और कोहरा — जनजीवन पर असर
तेज उत्तरी हवाएँ लगातार चल रही हैं, जिससे ठंड का प्रभाव और बढ़ गया है। सुबह और रात के समय आमजन को घरों से बाहर निकलने में कठिनाई हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों पर इसका खासा असर पड़ा है। कई स्थानों पर दुकानें देर से खुल रही हैं और सड़कों पर सामान्य से कम आवाजाही दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की दिशा और गति में बदलाव के कारण ठंड और कोहरा दोनों मिलकर गलन को बढ़ा रहे हैं। इससे शरीर पर ठंड का असर सामान्य से अधिक महसूस हो रहा है।
आने वाले दिनों में तापमान और गिरने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के दूसरे सप्ताह में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री तक अतिरिक्त गिरावट दर्ज हो सकती है। इस दौरान 3 से 4 दिनों तक शीतलहर के हालात बनने की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी उत्तरी हवाओं के चलते कोहरा भी बना रहेगा और रातें और अधिक सर्द हो सकती हैं। यह स्थिति मकर संक्रांति तक जारी रह सकती है। हालांकि, तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने का अनुमान है। अगर औसत के हिसाब से देखा जाए तो जनवरी महीने का सामान्य न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री और अधिकतम 23.9 डिग्री रहता है, जबकि इस बार न्यूनतम तापमान उससे नीचे जा रहा है।
जनवरी में बारिश का रिकॉर्ड और हालिया स्थिति
अजमेर में जनवरी माह में अक्सर मावठ (ठंड के दौरान होने वाली बारिश) मौसम के रुझान को प्रभावित करती है। पिछले दस वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि 2016, 2018, 2020 और 2024 में जनवरी में बारिश दर्ज नहीं हुई। वहीं 2022 में जनवरी के दौरान 60.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सबसे अधिक रही।
2026 में जनवरी के पहले तीन दिनों में ही 6.1 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है और दूसरे सप्ताह में फिर से बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 2 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिससे ठंड में और इजाफा होगा।
10 साल का तापमान रिकॉर्ड — सर्दी ने कई बार तोड़े रिकॉर्ड
पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। कई वर्षों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक चला गया, जबकि अधिकतम तापमान 27 से 31 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया। अजमेर का ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी चौंकाने वाला रहा है। 16 जनवरी 1935 को न्यूनतम तापमान माइनस 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जब शहर में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। वहीं 4 जनवरी 1979 को जनवरी के महीने में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो आज भी रिकॉर्ड है। इसके अलावा 20 जनवरी 1948 को शहर में एक ही दिन में 46.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे ठंड और तेज हो गई थी।


