मनीषा शर्मा। गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें राज्य की कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अपराध नियंत्रण पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपराधियों में पुलिस का ऐसा खौफ पैदा करें कि या तो वे अपराध करना बंद कर दें या राज्य छोड़ दें। उनके अनुसार, राज्य में कानून का इकबाल बुलंद रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और इसे सुनिश्चित करना पुलिस का मुख्य दायित्व है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में कहा कि राज्य में अराजकता और अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों की रोकथाम के लिए पुलिस को खुफिया तंत्र और मुखबिर व्यवस्था का कुशलतापूर्वक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने पुलिस से कहा कि राज्य में महिलाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के लिए वे पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष राज्य में अपराध दर में काफी कमी आई है, जिसमें महिला अत्याचार और एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
महिलाओं और एससी-एसटी वर्ग के अपराधों में कमी
मुख्यमंत्री ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य में पिछले वर्ष की तुलना में कुल अपराध दर में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। महिला अत्याचार के मामलों में 8.8 प्रतिशत की कमी और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार के मामलों में 13.96 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने पुलिस विभाग की सतर्कता और जागरूकता की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक संकेत बताया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया, क्योंकि नशे की लत युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित करती है, जो समाज और उनके परिवारों के लिए नुकसानदायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “युवा पीढ़ी के लिए मादक पदार्थ सामाजिक एवं स्वास्थ्य दृष्टि से अत्यंत हानिकारक हैं। नशे की प्रवृत्ति न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को समाप्त कर देती है। इसलिए, नारकोटिक्स विभाग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और युवाओं को इस प्रवृत्ति से बचाना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।”
कांग्रेस शासनकाल की तुलना में अपराधों में गिरावट
बैठक के उपरांत गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अपराध दर में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में इस बात की सराहना की कि अपराधों में कमी का असर दिख रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हमें इसी दिशा में और अधिक कदम उठाने होंगे ताकि राजस्थान को अपराध मुक्त बनाया जा सके।
गृह राज्यमंत्री ने पुलिस को संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस के संसाधन और नफरी की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। बेढ़म ने यह भी बताया कि साइबर क्राइम के मामलों में कमी दर्ज की गई है। पहले डीग जिला राजस्थान में साइबर क्राइम में सबसे ऊपर था, लेकिन अब साइबर क्राइम की दर 18 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई है।
जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जेलों में अपराधियों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग गंभीर मामला है और इसे गंभीरता से लिया जाएगा। यदि जेल में कोई कार्मिक अपराधियों को मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध कराता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) द्वारा किए गए पेपर लीक मामलों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार इन मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पूरे देश में एसओजी की कार्रवाई की सराहना हो रही है। हमने इन मामलों में कठोर कदम उठाए हैं और यह हमारे राज्य की साख बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।”
पुलिस खौफ और सुरक्षा बढ़ाने के प्रयास
बैठक में सीएम शर्मा ने पुलिस से कहा कि अपराधियों में पुलिस का इतना खौफ होना चाहिए कि वे या तो अपराध करना बंद कर दें या राज्य छोड़कर चले जाएं। पुलिस खुफिया तंत्र के माध्यम से असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पुलिस को लगातार सतर्क और सक्रिय बने रहने की सलाह दी ताकि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता को रोका जा सके।
बैठक में डीजीपी यूआर साहू, एसीएस गृह आनंद कुमार, एसीएस वित्त अखिल अरोरा, एसीएस सीएम शिखर अग्रवाल सहित अन्य उच्चाधिकारी भी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी भी इस बैठक में सम्मिलित हुए।
पुलिस का मनोबल बढ़ाने की दिशा में कदम
गृह विभाग की इस बैठक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की प्रभावी उपस्थिति और कार्यशैली से अपराधियों में खौफ पैदा होता है और आम जनता में विश्वास बढ़ता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस बल को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी ताकि राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।


