राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमतौर पर जनसुनवाई में संयमित और समाधान-केंद्रित नजर आते हैं, लेकिन सोमवार 2 फरवरी को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उनके तेवर काफी सख्त दिखाई दिए। मुख्यमंत्री निवास पर हुई इस जनसुनवाई में जब लोगों की शिकायतों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले, तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खुली फटकार लगाई।
जनसुनवाई में आए कई मामलों में लंबे समय से लंबित समस्याएं सामने आईं, जिससे मुख्यमंत्री स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार एक ही शिकायत लेकर आ रही है, जो प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जिन मामलों में अनावश्यक देरी हुई है, उनमें जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी काम को टालने की आदत अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान आज संभव है, उन्हें आज ही निपटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वही शिकायत दोबारा जनसुनवाई में न आए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित कार्य का जिम्मेदार कौन है और अब तक समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ।
लापरवाह कार्मिकों पर कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों में उन्होंने तुरंत रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट किया कि जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना प्रशासन की विफलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सुशासन है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि काम में लापरवाही सीधे जवाबदेही तय करेगी।
संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए अधिकारी
कुछ शिकायतों पर जब अधिकारी स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो मुख्यमंत्री का गुस्सा और साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के हितों पर है और इन वर्गों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की कोताही गंभीर मानी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का माध्यम है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जनसुनवाई के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नाराजगी और सख्त तेवरों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मुख्यमंत्री अधिकारियों को जिम्मेदारी निभाने की सख्त हिदायत देते नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।


