राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार का दिन राज्य की युवा पीढ़ी और विकास योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। एप्रोप्रिएशन बिल पर जवाब देते हुए भजनलाल शर्मा ने सरकारी विभागों में नियुक्तियों को लेकर ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार अब 1.25 लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। सदन में दिए गए इस बयान ने प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को नई उम्मीदें दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में चार लाख भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लगातार पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में राज्य में 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं, जबकि 1 लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। इसी संदर्भ में उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि उनकी सरकार अब एक लाख पदों के बजाय 1.25 लाख पदों के लिए नया भर्ती कैलेंडर जारी करेगी। यह फैसला राज्य में भर्ती प्रक्रिया की गति को और अधिक तेज करने का प्रतीक है।
भर्ती प्रक्रिया को बढ़ाने की सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सदन के सामने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्रदान करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उनकी सरकार ने पारदर्शी और तेज गति से भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया है और आने वाले समय में इसे और अधिक सशक्त किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकार के पांच वर्षों और उनकी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की तुलना करते हुए कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर ठोस कार्यों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
300 नई रोडवेज बसें खरीदने की घोषणा
प्रदेश के परिवहन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने 300 नई रोडवेज बसें खरीदने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा तथा यातायात दबाव में भी कमी आएगी।
राज्य की रोडवेज सेवाएं लंबे समय से बसों की कमी की समस्या का सामना कर रही हैं। कई पुराने वाहनों के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने माना कि राज्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ नई बसों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
आदिवासी युवाओं को उद्योग लगाने के लिए ब्याजमुक्त कर्ज
सदन में मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश के 5000 आदिवासी युवाओं को स्वयं का उद्योग शुरू करने के लिए ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि राज्य के आदिवासी युवाओं को भी अवसर मिले ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने कौशल के आधार पर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। यह योजना राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करेगी।
विपक्ष पर मुख्यमंत्री का पलटवार
बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कई सवाल उठाए और उनके पिछले कार्यकाल की कमियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जिस गति और पारदर्शिता के साथ काम किया है, वह पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से पूरी तरह विपरीत है।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उनकी सरकार ने प्रदेश की विकास योजनाओं में किसी प्रकार की देरी नहीं की और न ही राजनीतिक कारणों से किसी क्षेत्र की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का समान व संतुलित विकास करना है।
भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने भाषण में यह भी बताया कि किसी भी प्रदेश या देश का विकास केवल वर्तमान परिस्थिति पर आधारित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमें 20 से 30 वर्षों की दीर्घकालिक योजना बनाकर चलना होगा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर नीति निर्धारण में दूरदर्शिता का अभाव होगा, तो विकास की गति धीमी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने जीवन से अधिक देश के भविष्य की चिंता की और उसी सोच के कारण भारत आज स्वतंत्र देश है।
विकसित भारत 2047 में राजस्थान की भूमिका
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में राजस्थान एक मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति, भौगोलिक विविधता, औद्योगिक क्षमता और युवा शक्ति को देखते हुए राजस्थान आने वाले वर्षों में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि राज्य की नई भर्ती योजनाएं, परिवहन सुधार और उद्यमिता सहायता योजनाएं इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।


