मनीषा शर्मा। सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025, जिसे संक्षेप में वीबी-जी राम जी एक्ट कहा जा रहा है, ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य रोजगार गारंटी था, लेकिन प्रशासनिक कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के कारण यह योजना अपने मूल लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुंच सकी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कई कार्य अस्थायी रहे, सड़क और जल संरचनाएं लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहीं और अधिकतर काम समग्र विकास योजनाओं से नहीं जोड़े गए। नए कानून के साथ अब यह स्थिति बदलने जा रही है।
मनरेगा की प्रमुख खामियां — और नया समाधान
सीएम ने कहा कि मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, हाजिरी में हेराफेरी, भुगतान में देरी और कमजोर ऑडिट जैसी समस्याएं लगातार बनी रहीं। प्रशासनिक खर्च की सीमा कम होने से पर्याप्त स्टाफ और निगरानी व्यवस्था विकसित नहीं हो पाई।
उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम जी एक्ट इन कमियों को दूर करता है। अब रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। साथ ही किसानों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिन का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार मिला है, ताकि किसान मजदूरी और खेती दोनों संभाल सकें।
रोजगार के साथ विकास का स्पष्ट रोडमैप
नए कानून में रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रखा गया है।
अब कार्य सीधे तौर पर जोड़े जाएंगे—
जल सुरक्षा
ग्रामीण बुनियादी ढांचा
आजीविका केंद्र
जलवायु संरक्षण
जैसे दीर्घकालिक क्षेत्रों से।
गांव में तैयार योजनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ी जाएंगी और पूरा ढांचा प्रधानमंत्री गति शक्ति से एकीकृत रहेगा। इससे हर परियोजना का स्पष्ट रोडमैप तैयार होगा और राजस्थान को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल और एआई सिस्टम
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, लाइव डैशबोर्ड, डिजिटल मॉनिटरिंग और एआई-आधारित टूल्स का उपयोग होगा।
हर छह माह में अनिवार्य सामाजिक ऑडिट किया जाएगा। शिकायत समाधान के लिए बहुस्तरीय डिजिटल सिस्टम और जिला लोकपाल की व्यवस्था बनाई गई है।
मजदूरी भुगतान अब साप्ताहिक अनिवार्य होगा, और यदि देरी दो सप्ताह से अधिक हुई तो स्वतः मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासनिक व्यय सीमा बढ़ाकर नौ प्रतिशत करने से प्रशिक्षण, स्टाफ और तकनीकी क्षमता मजबूत होगी।
“काम कम नहीं, बल्कि ज्यादा योजनाबद्ध होगा”
सीएम ने कांग्रेस पर दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कानून सहकारी संघवाद का मजबूत मॉडल है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की साझा जिम्मेदारी तय होती है।
उन्होंने कहा कि
इस कानून से काम कम नहीं होगा, बल्कि गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध, टिकाऊ और दीर्घकालिक कार्य होंगे।
उनके अनुसार, कांग्रेस के भ्रामक आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ देना जरूरी है और वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 की खूबियों को गांव-गांव तक पहुंचाना चाहिए।


