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सीएम भजनलाल शर्मा ने कोर्ट से विदेश यात्रा की अनुमति मांगी

सीएम भजनलाल शर्मा ने कोर्ट से विदेश यात्रा की अनुमति मांगी

मनीषा शर्मा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोर्ट से विदेश जाने की अनुमति मांगी है। सीएम की ओर से जिले की एडीजे-4 अदालत में इसके लिए प्रार्थना पत्र दायर किया गया है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि उन्हें 13 से 25 अक्टूबर तक इंग्लैंड जाने की अनुमति दी जाए। यह यात्रा राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट के तहत आयोजित लंदन के एक इंवेस्टर मीट और रोड शो में भाग लेने के लिए है।

अदालत बुधवार को सीएम के इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करेगी। यह यात्रा राजस्थान में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से है, जिसमें कई अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से चर्चा की योजना है।

बिना अनुमति दक्षिण कोरिया-जापान यात्रा विवाद

पिछले महीने, सीएम भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा की थी, लेकिन इसके लिए उन्होंने अदालत से पूर्वानुमति नहीं ली थी। गोपालगढ़ दंगा मामले में जमानत पर होते हुए अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत में यह शर्त लगाई थी कि जब भी वे विदेश यात्रा करेंगे, कोर्ट से इज़ाजत लेना आवश्यक होगा।

इस उल्लंघन को लेकर एडवोकेट सांवरमल चौधरी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया और सीएम भजनलाल शर्मा की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की। अदालत ने इस मामले में सीएम और सीबीआई से जवाब मांगा है।

गोपालगढ़ दंगा केस: कोर्ट की शर्तें और जमानत

साल 2011 में गोपालगढ़ में हुए दंगा मामले में सीएम भजनलाल शर्मा सहित अन्य आरोपी जैसे जाहिदा खान, जमशेद खान, प्रमोद शर्मा, जवाहर सिंह बेढम, केसरी सिंह और गिरधारी तिवारी को 10 सितंबर, 2013 को अदालत ने 50-50 हजार रुपए की दो जमानतों और एक लाख के मुचलके पर सशर्त अग्रिम जमानत दी थी। जमानत की शर्त में कहा गया था कि वे अदालत की मंजूरी के बिना देश से बाहर नहीं जाएंगे, जांच में सहयोग करेंगे और गवाहों को धमकाएंगे या डराएंगे नहीं।

पूर्व मंत्री जाहिदा खान की विदेश यात्रा की शर्त हटाने की मांग

गोपालगढ़ दंगा मामले के एक और आरोपी, पूर्व मंत्री जाहिदा खान की ओर से भी उनके अधिवक्ता एके जैन ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। इसमें जाहिदा खान ने विदेश यात्रा के लिए कोर्ट की पूर्वानुमति लेने की शर्त को हटाने की मांग की है।

जाहिदा खान का कहना है कि इस केस को चलते हुए 11 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल 60 गवाहों के बयान ही हो सके हैं। उनके मुताबिक, उन्हें राजकार्य में बाधा डालने का आरोप है, जो जमानतीय अपराध है। उन्होंने अदालत से कहा कि उन्होंने अब तक एक भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत हैं, जिसके कारण वे अक्सर विदेश जा सकते हैं। साथ ही उन्हें नियमित जमानत भी मिल चुकी है।

अदालत का निर्णय और अगली सुनवाई

अदालत सीएम भजनलाल शर्मा के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर रही है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि उन्हें इंग्लैंड जाने की अनुमति दी जाए या नहीं। इसके साथ ही जाहिदा खान के प्रार्थना पत्र पर भी अदालत विचार कर रही है। अगर अदालत विदेश यात्रा की शर्त को विलोपित करती है, तो यह मामले में आरोपियों की स्वतंत्रता को लेकर अहम फैसला हो सकता है।

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