मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि राजस्थान में 1.44 लाख सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक लाख भर्तियों का स्पष्ट कैलेंडर जारी किया है, ताकि युवाओं को समय पर अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जल्द ही एक कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें 21 हजार युवाओं को सीधे प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
सीएम भजनलाल शर्मा यह बातें सरपंच संघ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कह रहे थे। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लगभग हर परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं होती थीं। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि पिछले दो वर्षों में क्या एक भी परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
सरपंचों को दिया संवेदनशीलता से काम करने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें संवेदनाओं के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति तीन कारणों से जनप्रतिनिधि के पास आता है, पहला भाव से, दूसरा अभाव से और तीसरा प्रभाव से। हर व्यक्ति की समस्या का समाधान संभव नहीं होता, लेकिन उसे ध्यान से सुनना और सम्मानपूर्वक व्यवहार करना जरूरी है।
सीएम ने ग्रामीण कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर आप किसी को गुड़ नहीं दे सकते तो गुड़ जैसी बात तो जरूर करें। उन्होंने कहा कि एक सेवक की तकलीफ को दूसरा सेवक ही समझ सकता है और सरपंच होने के नाते यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
अपने सरपंच काल को किया याद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह वर्ष 2000 से 2005 तक स्वयं सरपंच रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सांगानेर से चुनाव लड़ा था, तब गांव के लोग बसों में बैठकर समर्थन देने पहुंचे थे और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों से कहा था कि उनके लिए यह आशीर्वाद ही सबसे बड़ा सहयोग है।
सीएम ने कहा कि सरपंच का पद जीवनभर के लिए पहचान बन जाता है। इस दौरान बने रिश्ते और विश्वास जीवनभर साथ चलते हैं, इसलिए इस पद की गरिमा और जिम्मेदारी को समझना जरूरी है।
पंचायतों के गठन और नियमों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 3467 नई पंचायतों का गठन किया है। उन्होंने बताया कि पहले पंचायत या नगर निकाय बनाने के लिए कोई स्पष्ट आधार नहीं था, लेकिन अब नीति के तहत काम किया जा रहा है। सरकार ने 2500 की जनसंख्या पर पंचायत और रेगिस्तानी जिलों में 1500 की जनसंख्या पर पंचायत बनाने का नियम तय किया है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार मुंह देखकर काम करती थी, जबकि वर्तमान सरकार नियमों के आधार पर निर्णय लेती है, ताकि सभी को समान लाभ मिल सके।
वीबीजी राम जी योजना से गांवों में होंगे पक्के काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबीजी राम जी योजना के तहत अब 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले फसल के समय सरपंच ही मनरेगा बंद करने की मांग करते थे, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार किया गया है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए बजट बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये कर दिया है।
सीएम ने कहा कि ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर अब स्कूल, अस्पताल की बाउंड्री की मरम्मत, भवन सुधार और अन्य पक्के कार्य कराए जा सकेंगे। इससे गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुंचेगा।


