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सीएम भजनलाल शर्मा ने 181 हेल्पलाइन पर खुद सुनी जनता की परेशानी, सचिवालय में किया औचक निरीक्षण

सीएम भजनलाल शर्मा ने 181 हेल्पलाइन पर खुद सुनी जनता की परेशानी, सचिवालय में किया औचक निरीक्षण

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बार फिर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए 181 हेल्पलाइन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। मंगलवार 6 जनवरी को मुख्यमंत्री अचानक सचिवालय परिसर स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग पहुंचे, जहां राजस्थान संपर्क पोर्टल के तहत संचालित 181 हेल्पलाइन केंद्र में जाकर उन्होंने आम ऑपरेटर की तरह कॉल सेंटर में बैठकर नागरिकों से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह अचानक था, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी हलचल देखी गई। इससे पहले भी मुख्यमंत्री दिसंबर 2025 में 181 हेल्पलाइन केंद्र का औचक निरीक्षण कर चुके हैं, जिसकी उस समय व्यापक चर्चा हुई थी। एक बार फिर मुख्यमंत्री की इस पहल को सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

खुद फोन उठाकर सुनीं शिकायतें

पिछली बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं हेल्पलाइन के फोन उठाए और विभिन्न जिलों से कॉल करने वाले नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि शिकायतें केवल दर्ज न हों, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण भी हो।

शिकायत पंजीकरण से निस्तारण तक की प्रक्रिया का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन केंद्र में शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने यह भी देखा कि कॉल आने के बाद शिकायत किस तरह संबंधित विभाग तक पहुंचती है और उसकी निगरानी कैसे की जाती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल-जवाब कर यह जानने की कोशिश की कि किन स्तरों पर देरी होती है और किन विभागों में सुधार की आवश्यकता है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश, लापरवाही नहीं चलेगी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल सरकार और नागरिकों के बीच सीधा सेतु है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल कागजी निस्तारण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवादी की समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसे यह भरोसा दिया जाए कि सरकार उसकी परेशानी के समाधान को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर समाधान नहीं होने से जनता का भरोसा कमजोर होता है, जिसे किसी भी सूरत में टूटने नहीं दिया जाएगा।

तकनीकी व्यवस्था और मॉनिटरिंग सिस्टम की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के तकनीकी ढांचे, कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम और शिकायतों की मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना है। इसके लिए हेल्पलाइन सिस्टम को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की जरूरत है।

पिछले साल दर्ज और निस्तारित शिकायतों के आंकड़े

राजस्थान संपर्क पोर्टल की 4 जनवरी 2026 की अपडेट के अनुसार, पिछले साल कुल 6896 नई शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि 7668 शिकायतों का निस्तारण किया गया। जिला स्तर पर शिकायत निस्तारण में जयपुर जिला प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहां 815 शिकायतों का समाधान किया गया। वहीं विभागीय स्तर पर लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सबसे आगे रहा, जहां 937 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।

जनता से जुड़े रहने की मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का 181 हेल्पलाइन केंद्र पहुंचकर स्वयं जनता से संवाद करना उनकी कार्यशैली को दर्शाता है। यह कदम न केवल प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखने का संदेश देता है, बल्कि आम नागरिकों में यह भरोसा भी पैदा करता है कि उनकी आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है। सरकार का उद्देश्य यही है कि जन शिकायतों का समाधान समय पर हो और प्रशासन जनता के प्रति अधिक संवेदनशील बने।

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