latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

विकास कार्यों में देरी पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा

विकास कार्यों में देरी पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा

राजस्थान में विकास कार्यों की गति को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रदेश में चल रहे सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे हों और आमजन को उनका लाभ समय पर मिल सके। इसी दिशा में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ कार्यक्रम की चौथी बैठक में इस सख्त रवैये की झलक साफ दिखाई दी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख योजनाओं, चयनित परियोजनाओं और विभिन्न जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति जानी और जहां कहीं भी काम धीमा पाया गया, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का भी हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को यह समझाया कि किसी भी परियोजना में देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है, इसलिए कार्यों में तेजी लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि अब सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके क्रियान्वयन पर भी पूरी नजर रखेगी। ‘राज उन्नति’ कार्यक्रम को इसी उद्देश्य से और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि सभी विभागों के कामकाज की नियमित निगरानी हो सके। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि परियोजनाओं की प्रगति पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं भी काम में देरी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस बयान से साफ है कि राज्य सरकार अब प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर पूरी तरह गंभीर है और कार्य संस्कृति में सुधार लाने के लिए कठोर कदम उठाने को तैयार है।

इस बैठक में जनसुनवाई से जुड़ी परिवेदनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल लोगों का सरकार पर विश्वास बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम भी जरूरी है। ‘राज उन्नति’ कार्यक्रम इसी दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत सरकार विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रख रही है और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो। कई बार विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण भी परियोजनाएं प्रभावित होती हैं, जिसे दूर करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित करें और अपने स्तर पर भी कार्यों की प्रगति की निगरानी करें।

प्रदेश में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट्स को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन सभी क्षेत्रों में कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि इन परियोजनाओं का सीधा संबंध आमजन के जीवन स्तर से है। इसलिए इन पर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading