राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 रोड शो में राज्य की कृषि क्षमता, किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और निवेश के बढ़ते अवसरों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि राजस्थान का किसान कभी हार नहीं मानता। चाहे मौसम की मार हो, फसल का नुकसान हो या आर्थिक चुनौती, किसान हर बार नई उम्मीद के साथ खेत में उतरता है। यही जज्बा राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत है और इसी विश्वास के साथ राज्य सरकार किसानों और निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान केवल रेगिस्तान का प्रदेश नहीं है, बल्कि यह कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक खेती के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता राज्य है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया का व्यापारिक जगत राजस्थान की कृषि संभावनाओं पर भरोसा जता रहा है। यही वजह है कि राज्य में कृषि क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश आ रहा है और नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है, ताकि छोटे और सीमांत किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत खेती और आधुनिक तकनीक का संतुलन बनाकर ही कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा सकता है।
भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से आर्थिक सहयोग भी दे रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजस्थान में सबसे अधिक 2 करोड़ 19 लाख पॉलिसियां जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए अब तक लगभग 6500 करोड़ रुपये के क्लेम का निपटान किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि सरकार संकट के समय किसानों के साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।
ऊर्जा क्षेत्र में किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इससे सिंचाई कार्य में आसानी हो रही है और किसानों को रात में खेतों में जाने की मजबूरी कम हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्ष 2027 तक राजस्थान के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने में भी मददगार होगा।
मुख्यमंत्री ने पशुपालकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पशुपालन किसानों की आय का बड़ा आधार है। यदि पशु बीमार होता है तो किसान उससे पहले चिंतित हो जाता है, क्योंकि पशुधन किसान परिवार की आर्थिक रीढ़ होता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने 94 हजार गोपालकों को 709 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
उन्होंने बताया कि पशुओं के लिए 10 लाख रुपये तक के बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 9 लाख पशुपालकों ने 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं की बाजार कीमत लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसी भी नुकसान की स्थिति में किसान को सुरक्षा देना जरूरी है। सरकार चाहती है कि किसान और पशुपालक हर परिस्थिति में आर्थिक रूप से मजबूत बने रहें।
कृषि क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश की कंपनियों ने राजस्थान में 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 2500 से ज्यादा एमओयू किए थे। इनमें से 751 समझौते अब तक जमीन पर उतर चुके हैं और 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश वास्तविक रूप से शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान में कृषि क्षेत्र की विश्वसनीयता और निवेशकों के भरोसे का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि GRAM 2026 इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने वाला बड़ा मंच बनेगा। इस समिट में निवेशकों, कृषि वैज्ञानिकों, उद्यमियों और किसानों को एक साथ लाया जाएगा, ताकि तकनीक, शोध, उत्पादन और बाजार के बीच बेहतर तालमेल बन सके। मुख्यमंत्री ने 23 से 25 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के उद्यमियों और निवेशकों को भाग लेने का निमंत्रण दिया।
राजस्थान की कृषि उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कई फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी है। बाजरा, ग्वार, सरसों और तिल उत्पादन में राजस्थान पहले स्थान पर है। मूंगफली उत्पादन में दूसरा स्थान और सोयाबीन व चना उत्पादन में तीसरा स्थान राज्य को प्राप्त है। यह उपलब्धि राजस्थान की मिट्टी, किसानों की मेहनत और बेहतर नीतियों का परिणाम है।
मसाला उत्पादन में भी राजस्थान की पहचान मजबूत है। उन्होंने कहा कि जीरा और ईसबगोल उत्पादन में राज्य देश में पहले स्थान पर है। मैथी, लहसुन और सौंफ उत्पादन में दूसरा तथा धनिया और अजवाइन उत्पादन में तीसरा स्थान राजस्थान के पास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट्स और वैल्यू एडिशन पर ध्यान दिया जाए तो किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है।
अपने संबोधन के अंत में भजनलाल शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी के सशक्त भारत और सशक्त किसान के विजन को जमीन पर उतारने के लिए राजस्थान सरकार लगातार काम कर रही है। GRAM 2026 समिट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जहां खेती को तकनीक, निवेश और नए बाजारों से जोड़कर किसानों के भविष्य को और मजबूत बनाया जाएगा।


