मनीषा शर्मा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के विद्याधर नगर में आयोजित गौ महाकुंभ में हिस्सा लिया और इस मौके पर उन्होंने गाय और गोवंश के महत्व पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में गाय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सीएम शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी भी विशेष अवसर पर बाहर घूमने की बजाय गौशालाओं में जाएं और वहां सेवा करें। उन्होंने कहा कि इससे आत्मिक शांति और सुकून की अनुभूति होती है।
गौ माता का घर-घर में महत्व
सीएम ने कहा कि पहले हर घर में जब रोटी बनती थी तो पहली रोटी गौ माता के लिए रखी जाती थी। आज बदलते समय और गैस चूल्हे के कारण यह परंपरा कई घरों में लुप्त हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो रोटी हम रोजाना गाय के लिए बनाते हैं, उसका हिसाब लगाकर साल में गौशालाओं को दान देना चाहिए।
भजनलाल शर्मा ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वे गांव में रहते थे तो उनके घर में हमेशा गाय रही। जब वे भरतपुर में रहने गए तो पहले उन्होंने गाय के लिए स्थान बनाया और उसके बाद खुद के लिए घर बनाया। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी गाय सबसे पहले उनके आवास पर पहुंची और उसके बाद उन्होंने गृह प्रवेश किया।
पहली बारिश और बैल-बीज की पूजा की परंपरा
सीएम ने ग्रामीण जीवन की पुरानी परंपराओं को याद करते हुए कहा कि जब पहली बारिश होती थी और किसान खेत में बुवाई करने जाते थे, तब बैलों का पूजन किया जाता था। बीज और खेती के उपकरणों का पूजन कर किसान गीत गाते हुए बुवाई शुरू करते थे। यह परंपराएँ हमारे जीवन और संस्कृति में गोवंश की अहमियत को दर्शाती हैं।
गोधन: हमारी आर्थिक मजबूती का आधार
भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी समृद्धि में गाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। गाय को गोधन कहा जाता है और यह हमारी आर्थिक मजबूती की रीढ़ है। उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए बताया कि भगवान वासुदेव के पास 12 लाख गायें थीं और नंद के पास 9 लाख गायें थीं। इसी कारण भगवान का नाम गोपालक पड़ा।
बैलों से खेती पर मिलेगा अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गौ संरक्षण और किसानों को सहयोग देने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और सलूंबर जैसे जिलों में छोटे जोत वाले किसान बैलों से खेती करते हैं। ऐसे किसानों के लिए यह योजना बड़ी मदद साबित होगी।
गौशालाओं में अनुदान बढ़ाकर 50 रुपए प्रति गाय
गौशालाओं की मांग को पूरा करते हुए सीएम ने घोषणा की कि अब प्रति गाय 50 रुपए का अनुदान दिया जाएगा, जबकि पहले यह 35 रुपए था। बछड़े के लिए 25 रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने गौ संवर्धन योजना के लिए 2791 करोड़ रुपए का बजट रखा है। इसके अलावा 100 गौशालाओं में गौ-काष्ठ मशीनें रियायती दरों पर उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों से गोबर से पर्यावरण हितैषी ईंधन तैयार किया जा सकेगा।
गोधूलि बेला: शादी का शुभ समय
सीएम शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरा में शादी का सबसे शुभ मुहूर्त गोधूलि बेला माना जाता है। इस समय जब गायें घर लौटती हैं, तो वातावरण में शांति और पवित्रता का माहौल होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनके बेटे-बेटी की शादी गोधूलि बेला में हो, ताकि उनका जीवन सुखी और समृद्ध हो।
गौ संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
गौ महाकुंभ में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गोवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। बैलों से खेती को बढ़ावा देने, गौशालाओं को अनुदान देने और गोबर आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करने जैसे प्रयास इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि यह हमारी संस्कृति, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था की भी आधारशिला है।


