मनीषा शर्मा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद राजस्थान में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीबियों से भरी, रणनीतिक और लंबी बैठक की, जिसके तुरंत बाद 3 दिसंबर 2025 को कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की दो महत्वपूर्ण बैठकों को जयपुर में बुलाया गया है। अनुमान है कि दिल्ली से मिले मार्गदर्शन और फीडबैक के आधार पर कई बड़े नीतिगत निर्णय इन बैठकों में लिए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री से विस्तृत मुलाकात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा दो मुख्य लक्ष्यों पर केंद्रित था—पहला, केंद्र सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त करना और दूसरा, राजस्थान सरकार के आगामी कार्यक्रमों के लिए औपचारिक निमंत्रण देना। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर तैयार किए गए विस्तृत रिपोर्ट कार्ड की जानकारी दी।
इस रिपोर्ट कार्ड में फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति, प्रदेश की विकास पहल, प्रशासनिक सुधार और जनता के हित में किए गए कार्यों की समीक्षा शामिल थी। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के विषय पर भी गहन चर्चा हुई। माना यह भी जा रहा है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से नई योजनाओं की गति और बढ़ाई जाएगी।
प्रवासी राजस्थान सम्मेलन और रिफाइनरी प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है, जो राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य विदेशों और देशभर में बसे राजस्थानियों को राज्य के विकास और निवेश की संभावनाओं से जोड़ना है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से बाड़मेर रिफाइनरी प्रोजेक्ट के जल्द शुभारंभ के लिए भी विशेष आग्रह किया। यह प्रोजेक्ट राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है, जिसके शुरू होने से रोजगार, औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी महत्वपूर्ण चर्चा की। इस मुलाकात को राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन, लंबित वित्तीय मामलों के निस्तारण और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लिए बजट प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र की वित्तीय सहायता पर निर्भर करता है।
संगठन और शासन को लेकर विस्तृत बातचीत
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से भी हुई। दोनों नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला, सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर होने वाले समारोह, और आने वाले चुनावों की तैयारियों पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी संक्षिप्त वार्ताएं कीं, जिनमें राज्य के विकास कार्य, नई परियोजनाओं और केंद्र-राज्य समन्वय पर चर्चा हुई।
तेज हो गई राज्य में निर्णय प्रक्रिया
दिल्ली दौरा पूरा होते ही जयपुर में शासन की गति तेज होती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने कल यानी 3 दिसंबर 2025 को दो महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई हैं—कैबिनेट बैठक दोपहर 3 बजे और मंत्रिपरिषद की बैठक शाम 4 बजे।


