मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब विधायक निधि (MLA Local Area Development – MLA LAD) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सामने आए स्टिंग ऑपरेशन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए साफ शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायक निधि खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि एक प्रमुख समाचार पत्र में विधायक निधि में भ्रष्टाचार को लेकर जो खबर प्रकाशित हुई है, वह बेहद गंभीर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकसेवक द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस मामले की जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त, जो अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) भी हैं, की अध्यक्षता में एक हाईलेवल कमेटी गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की गहन जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
MLA LAD के खाते किए गए फ्रीज
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों पर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, उन सभी के विधायक निधि खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन न हो और साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
किन विधायकों का हुआ स्टिंग ऑपरेशन
एक समाचार पत्र द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में राजस्थान के तीन विधायकों के नाम सामने आए हैं। इनमें भाजपा के बायतु से विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस के हिंडौन से विधायक अनीता जाटव और भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत शामिल हैं। स्टिंग ऑपरेशन में विधायक निधि के कार्यों में कथित रूप से कमीशन और अनियमितताओं की बातचीत सामने आने का दावा किया गया है।
इस स्टिंग के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और सरकार पर तत्काल कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लेते हुए जांच कमेटी का गठन और खातों को फ्रीज करने का फैसला लिया।
भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा की सफाई
स्टिंग ऑपरेशन को लेकर भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे निराधार, गलत और तथ्यहीन बताया। डांगा ने कहा कि संबंधित व्यक्ति कई बार उनके पास आया था और स्वीकृति को लेकर बात कर रहा था, लेकिन उन्होंने उसे स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। विधायक के अनुसार, विधायक निधि के तहत जो भी स्वीकृतियां दी जाती हैं, वे गांव वालों की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा के बाद ही दी जाती हैं।
कांग्रेस ने अनीता जाटव को जारी किया नोटिस
दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव का स्टिंग वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी सख्त कदम उठाया है। पार्टी ने हिंडौन विधायक अनीता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


