मनीषा शर्मा। राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा शनिवार को अपने एक दिवसीय सीकर दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने सांवली मेडिकल कॉलेज के सामने आयोजित नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और समाज के हर वर्ग से नशा मुक्त भारत के निर्माण में भूमिका निभाने की अपील की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि पिछली सरकार के दौरान युवा जब परीक्षा देते थे तो पेपर लीक हो जाते थे। लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में दो साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी परीक्षाएं पूरी तरह नकल रहित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही हैं।
युवाओं को नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प
सीएम भजनलाल ने कहा कि बच्चे और युवा देश का भविष्य हैं। अगर वे नशे के जाल में फंसते हैं तो न केवल उनका जीवन बल्कि पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मनाए जा रहे सेवा सप्ताह पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य समाज में कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना है। यह पखवाड़ा विशेष रूप से नशा मुक्ति अभियान को समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त भारत बनाने में हर वर्ग की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि परिवार, समाज और संस्थाएं मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
शिक्षा और रोजगार पर जोर
भजनलाल शर्मा ने अपने भाषण में शिक्षा और रोजगार को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि:
कांग्रेस के शासनकाल में जब भी परीक्षा होती थी, पेपर लीक हो जाते थे।
मौजूदा सरकार में अब तक जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, वे पूरी तरह नकल मुक्त और पारदर्शी रही हैं।
सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उन्हें रोजगार दिलाया जाएगा और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
लाखों नौकरियां दी जा चुकी हैं और निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
सीएम ने युवाओं से मेहनत करने और आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि युवा अपनी लगन और मेहनत से पढ़ाई करेंगे, तो उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।
बॉर्डर पर नशे का खेल रोका
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नशे के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि:
पिछले 18 महीनों में 6608 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
7800 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
4700 किलो अफीम और 130 किलो हेरोइन जब्त की गई है।
सीएम ने दावा किया कि राजस्थान में नशे के खिलाफ सरकार की नीति सख्त है और अब बॉर्डर से लेकर अंदरूनी इलाकों तक नशे का खेल रोका जा चुका है।
सीकर: शिक्षा और कोचिंग का हब
सीएम भजनलाल शर्मा ने सीकर शहर की तारीफ करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आज शिक्षा और कोचिंग का बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां के कोचिंग संचालक ईमानदारी और मेहनत से विद्यार्थियों को सफलता दिलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह शहर हजारों छात्रों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन गया है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाए रखते हुए पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें।
नशे से दूर रहें बच्चे और युवा
सीएम ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राजस्थान को नशा मुक्त बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे और युवा नशे से दूर रहेंगे, तो राजस्थान और भारत का भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होगा।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा का संबोधन
इस अवसर पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें मिलकर संकल्प लेना होगा कि नशे से दूरी बनाएंगे और जिम्मेदार नागरिक बनकर राजस्थान और देश की प्रगति में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में मौजूद नेता
इस कार्यक्रम में मंत्री झाबर सिंह खर्रा के अलावा कई अन्य बड़े नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, विधायक सुभाष मील, विधायक गोवर्धन वर्मा, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर, पूर्व मंत्री सुभाष महरिया, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, भाजपा महामंत्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज, भाजपा नेता हरिराम रणवा, जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, गजानंद कुमावत, रतन जलधारी और प्रभु सिंह गोगावास उपस्थित रहे।


