मनीषा शर्मा। राजस्थान विधानसभा में हाल ही में पारित जबरन धर्मांतरण रोकने वाले बिल पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष लंबे समय से धर्मांतरण को बढ़ावा देता रहा है और सत्ता में बने रहने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करता आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पहले से ही यह अंदेशा था कि कांग्रेस इस बिल को रोकने की पूरी कोशिश करेगी। लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब राजस्थान में जबरन और अवैध धर्मांतरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस पर सीधा आरोप
भजनलाल शर्मा ने कहा, “कांग्रेस बरसों से धर्मांतरण को बढ़ावा देती रही है। लव जिहाद और राजनीतिक तुष्टिकरण कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा रहे हैं। अब हमारी सरकार ने यह ठान लिया है कि राजस्थान में किसी भी तरह का धर्मांतरण रैकेट चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने दावा किया कि यह बिल पास होना राजस्थान के भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम है और इससे सामाजिक संरचना को मजबूत आधार मिलेगा।
आदिवासी बेल्ट और मेवात पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के आदिवासी बेल्ट और मेवात क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण का काम चल रहा था। यहां कई संगठन और दलाल मजबूर और गरीब परिवारों को टारगेट कर धर्म परिवर्तन करवाते थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि, “जो लोग इस रैकेट में शामिल हैं वे तुरंत सुधर जाएं, अन्यथा उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। अब इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं होंगी।”
हिंदू धर्म की रक्षा का संकल्प
सीएम शर्मा ने साफ कहा कि वह हिंदू धर्म पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा, “वर्षों से धर्मांतरण के नाम पर जो खेल चल रहा था, अब राजस्थान में वह बंद हो जाएगा। हमारी सरकार किसी भी कीमत पर हिंदू समाज के अस्तित्व और सम्मान से समझौता नहीं करेगी।”
बिल में कड़े प्रावधान
इस बिल में जबरन और अवैध धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी होगी, यानी यदि कोई संस्था या व्यक्ति धर्मांतरण रैकेट में शामिल पाया जाता है, तो उसके अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
कानून का उद्देश्य केवल धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करना ही नहीं बल्कि उन लोगों पर शिकंजा कसना भी है, जो लालच, भय या दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश करते हैं।
कांग्रेस की चुप्पी
मुख्यमंत्री ने यह भी तंज कसा कि जब यह बिल विधानसभा में पेश किया गया और उस पर चर्चा हो रही थी, तब कांग्रेस ने बहस से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विषय पर हमेशा से दोहरी नीति अपनाती रही है।
सीएम शर्मा ने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
ऐतिहासिक फैसला बताया
भजनलाल शर्मा ने इस बिल को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक कदम करार दिया। उनका कहना है कि इस कानून से समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर आदिवासियों और पिछड़े तबकों को सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि अब राज्य में जबरन धर्मांतरण का खेल पूरी तरह बंद होगा और समाज में धार्मिक सौहार्द और मजबूती आएगी।


