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सहकारिता में भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प: CMभजनलाल

सहकारिता में भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प: CMभजनलाल

मनीषा शर्मा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित सहकार सदस्यता अभियान समारोह में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। दशहरे के पावन अवसर पर सीएम ने सहकारिता क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को रावण की संज्ञा दी और कहा कि इस रावण का अंत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सहकारिता क्षेत्र को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस अवसर पर सीएम ने दो भूमि-विहीन पैक्स को भूमि आवंटन किया और सदस्यता आवेदन पत्र के लिंक का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

“सदस्यता बंद कर रखी थी कांग्रेस ने”: CM भजनलाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन में सहकारिता सदस्यता को आम लोगों से छिपाकर रखा। सदस्यता केवल अपने लोगों तक सीमित कर दी जाती थी। उन्होंने कहा: “यदि सदस्यता खोलते भी थे, तो केवल अपने लोगों की सूची बना देते थे। हमने कहा कि सबको सदस्य बनाइए। इसी कारण हमने 15 दिन का सहकार सदस्यता अभियान चलाया है ताकि हर ग्राम पंचायत में सहकार समिति बन सके।” सीएम ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि लोग सहकारिता से जुड़ते हैं और सदस्य बनते हैं तो यह क्षेत्र मजबूत होगा और गांव-गांव तक इसका लाभ पहुंचेगा।

“गरीबी की पीड़ा को हम समझते हैं”

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि वे गरीबी और उसके दर्द को भलीभांति समझते हैं। उन्होंने महिलाओं के उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई महिला दूध बेचने जाती है और लीटर पूरा नहीं होता, तो वह पूरी बाल्टी का दूध देकर आती है और बच्चे के लिए उस बाल्टी में पानी डालकर उसकी जरूरत पूरी करती है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों की तकलीफों और संघर्षों को समझती है और इन्हें दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

सहकारिता मंत्री गौतम दक का संबोधन

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री गौतम दक ने भी सीएम की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रात को दो बजे से पहले सोते ही नहीं हैं और लगातार प्रदेश के विकास में जुटे रहते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में कोऑपरेटिव मूवमेंट को नई गति मिली है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भी राजस्थान की सहकारिता व्यवस्था की सराहना कर चुके हैं और इसे देश के टॉप पांच राज्यों में शामिल माना है। गौतम दक ने कहा कि किसानों की आय केवल खेती से ही नहीं, बल्कि पशुपालन और डेयरी सेक्टर से भी बढ़ेगी। इसके लिए सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर पैक्स समितियों में कंप्यूटर लगाए जा चुके हैं, जिससे गबन और घोटालों पर रोक लगी है और पारदर्शिता बढ़ी है।

“अधिकारी संस्थाओं पर कब्जा न करें”

सहकारिता मंत्री ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कई बार संस्थाओं में चुनकर आने वाले लोग सोचते हैं कि केवल वही स्थायी रूप से बने रहें। यह मानसिकता गलत है। सहकारिता का उद्देश्य सभी को जोड़ना और लाभ पहुंचाना है। यदि इस मूल भाव के साथ आगे बढ़ा जाए, तो यह अभियान एक बड़ा कदम साबित होगा।

डेयरी सेक्टर में 1 लाख नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य

कार्यक्रम में गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने भी सहकार सदस्यता अभियान को मजबूत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डेयरी को 50,000 नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन विभाग का लक्ष्य इसे 1 लाख तक ले जाने का है। उन्होंने विशेष रूप से महिला सदस्यों पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में महिला और युवा सदस्य शामिल होंगे तो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आर्थिक रूप से भी ग्रामीण समाज मजबूत होगा।

सहकारिता में सुधार की दिशा

राजस्थान सरकार का यह प्रयास सहकारिता क्षेत्र में सुधार और भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले जहां सदस्यता केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित थी, वहीं अब इसे सभी के लिए खोलकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दशहरे जैसे मौके पर भ्रष्टाचार को रावण बताना और उसके अंत का संकल्प लेना एक प्रतीकात्मक संदेश है, जो जनता के बीच गहरी छाप छोड़ सकता है।

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