शोभना शर्मा। राजस्थान में आयोजित हो रही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा के पहले दिन ही ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों को लेकर जबरदस्त सख्ती देखने को मिली। शुक्रवार से शुरू हुई इस परीक्षा में 24.75 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रदेश भर के 38 जिलों के 1300 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन हो रहा है। कुल 53,749 पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है।
पहले ही दिन अभ्यर्थियों को ड्रेस कोड नियमों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई उम्मीदवार देर से पहुंचने की वजह से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं पा सके और बाहर रह गए।
ड्रेस कोड पर कड़ी सख्ती
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस बार परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों के पहनावे पर कड़े नियम लागू किए।
लड़कियों से दुपट्टा, चूड़ियां, जूते और हाथ में बंधी मोली उतरवाई गई।
लड़कों की टी-शर्ट तक चेक की गई और कई जगहों पर उनके धागे और डोरे कैंची से काट दिए गए।
अंगूठियां, नोज पिन, कड़ा और धार्मिक धागे भी उतरवाए गए।
फुल स्लीव्स शर्ट पहनकर आए उम्मीदवारों की आस्तीन तक काट दी गई।
जयपुर, अजमेर, सीकर, उदयपुर, भरतपुर और पाली सहित कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर इस तरह के दृश्य देखने को मिले।
देर से पहुंचे अभ्यर्थी हुए परेशान
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश का समय सुबह 9 बजे तय किया गया था। इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया। कई अभ्यर्थी आखिरी मिनट में दौड़ते हुए पहुंचे, लेकिन गेट बंद हो चुका था।
देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों ने हाथ जोड़कर और विनती कर परीक्षा देने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। कई जगह अभ्यर्थियों के आंसू और नाराजगी के दृश्य देखने को मिले।
सुरक्षा जांच की तस्वीरें
कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के साथ सख्ती की गई।
भरतपुर के बदन सिंह स्कूल में फुल स्लीव्स शर्ट पहनने पर अभ्यर्थियों की आस्तीन काट दी गई।
जयपुर के नेताजी सुभाष और श्रीमती कमला देवी बुधिया हाई स्कूल में धार्मिक डोरे, लच्छा और कड़ा उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया।
अजमेर के सावित्री स्कूल में महिलाओं की बालियां उतरवाई गईं और फुल आस्तीन वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला। कई उम्मीदवारों को बनियान में परीक्षा देनी पड़ी।
सीकर के एसके स्कूल और उदयपुर के रेजीडेंसी स्कूल में अभ्यर्थियों की टी-शर्ट और धागे कैंची से काटे गए।
पाली के बांगड़ कॉलेज में जूते उतारकर और मन्नत के धागे खोलकर ही छात्रों को अंदर जाने दिया गया।
बोर्ड की ओर से विशेष निगरानी
बोर्ड ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही अभ्यर्थियों के आवेदन फॉर्म की जांच की थी। इस दौरान 1700 अभ्यर्थियों के डेटा में मिसमैच पाया गया। इन अभ्यर्थियों को संदिग्ध मानकर चिन्हित कर लिया गया है।
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि यह गड़बड़ी सॉफ्टवेयर की गलती से भी हो सकती है, लेकिन यदि परीक्षा में गड़बड़ी साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा का आयोजन और सुविधाएं
परीक्षा का आयोजन 19 से 21 सितंबर 2025 तक तीन दिन होगा।
छह पारियों में परीक्षा ली जाएगी।
अभ्यर्थियों को सरकार की ओर से रोडवेज बसों में एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है।
केवल जयपुर में ही सबसे ज्यादा 200 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
चूरू जिले की स्थिति
चूरू जिले में भी परीक्षा का आयोजन 16 केंद्रों पर किया गया। पहले दिन सुबह की पारी में अभ्यर्थी समय पर पहुंचे, जबकि दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक हुई। यहां भी छात्रों के धार्मिक डोरे और गहने उतरवाए गए।
परीक्षा नियमों पर मिला-जुला असर
इस परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रेस कोड और कड़े नियम लागू किए गए, लेकिन इनसे अभ्यर्थियों को भारी असुविधा भी हुई। कई उम्मीदवारों को धार्मिक धागे और गहने उतारने में आपत्ति रही, वहीं देर से पहुंचने वालों का पूरा साल बर्बाद हो गया।


