राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री संग रक्षाबंधन-मीडिया की बहनों का सम्मान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को सही दिशा देने और देश-प्रदेश को मजबूत बनाने में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने कहा, “यदि महिला एक कदम चलेगी तो राजस्थान सौ कदम आगे बढ़ेगा। हमारी सरकार इस आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए महिला पत्रकारों को ‘रक्षा सूत्र’ की सांस्कृतिक अहमियत का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। “आपका यह भाई, मुख्यमंत्री के रूप में, हर परिस्थिति में आपकी रक्षा और सहयोग के लिए खड़ा है,” उन्होंने भावुकता से कहा।
शर्मा ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता है। खास तौर पर महिला पत्रकार लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की लेखनी और उनके द्वारा बोले गए हर शब्द में समाज को दिशा देने की शक्ति होती है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार की विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। गरीब परिवारों की महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है। मा वाउचर योजना के तहत निशुल्क सोनोग्राफी सेवा दी जा रही है। लाडो प्रोत्साहन योजना, स्कूटी और साइकिल वितरण जैसे कार्यक्रम भी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रहे हैं।
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा की गई पहलों का ज़िक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि राज्य में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की स्थापना, तीन महिला बटालियनों का गठन, 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड्स और महिला पुलिस थानों में परामर्श एवं सुरक्षा केंद्रों की स्थापना की गई है। इन कदमों से प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है और समाज में विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में महिला सशक्तीकरण को मिले नए आयामों का भी ज़िक्र किया। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘लखपति दीदी’, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं को नया आत्मविश्वास दिया है। इसके अतिरिक्त ‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्वच्छता जैसे अभियानों में भी महिलाओं की भागीदारी ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डाला है।
मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं से नागरिक कर्तव्यों का पालन करते हुए राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला पत्रकारों ने भाग लिया और मुख्यमंत्री को तिलक कर राखी बांधी। इस ऐतिहासिक अवसर पर महिला पत्रकारों ने कहा कि यह पहली बार है जब महिला मीडियाकर्मियों को मुख्यमंत्री को राखी बांधने का अवसर मिला है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार वास्तव में महिलाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
महिला पत्रकारों ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिस संवेदनशीलता से महिला सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को नीतियों में शामिल किया है, वह सराहनीय है। उनका नेतृत्व महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों की भलाई के लिए समर्पित है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सरल स्वभाव और खुले संवाद ने उपस्थित सभी पत्रकारों को प्रभावित किया। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए विश्वास जताया कि राजस्थान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।