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SIR के बाद वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, ऐसे करें आसान तरीके से जांच

SIR के बाद वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, ऐसे करें आसान तरीके से जांच

शोभना शर्मा। राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची के प्रकाशन के साथ ही लाखों मतदाताओं के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि उनका नाम मतदाता सूची में है या नहीं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं है और जिन मतदाताओं के नाम इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें सुधार और दावा-आपत्ति के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।

जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई, उन्हें मिलेगा एक महीने का मौका

एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है या जिनके नाम किसी कारणवश ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। इस अवधि में ऐसे मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह समयसीमा सभी पात्र मतदाताओं को उनका अधिकार दिलाने के उद्देश्य से तय की गई है।

15 जनवरी तक नोटिस, दस्तावेजों से होगा सत्यापन

निर्वाचन विभाग की प्रक्रिया के अनुसार, जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, उन्हें 15 जनवरी तक नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद मतदाता अपने दस्तावेजों के साथ निर्धारित कार्यालय या बीएलओ के समक्ष उपस्थित होकर सत्यापन करा सकेंगे। जिन मतदाताओं के नाम सूची में बिल्कुल भी नहीं हैं, उन्हें फॉर्म 6 के साथ एक घोषणा पत्र भी देना होगा, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

डुप्लीकेट और संदिग्ध नाम किए गए अलग

एसआईआर के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं पाए गए हैं, उन्हें संभावित या ईएफ अनकलेक्टेड श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में उन लोगों के नाम शामिल हैं, जो स्थायी रूप से कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं, बीएलओ के घर-घर सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं मिले या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, एक ही व्यक्ति के एक से अधिक नाम दर्ज होने की स्थिति में डुप्लीकेट नामों को भी हटाया गया है।

ऑनलाइन ऐसे चेक करें वोटर लिस्ट में नाम

मतदाता अब घर बैठे आसानी से यह जांच सकते हैं कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। इसके लिए निर्वाचन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ड्राफ्ट सूची देखी जा सकती है। वेबसाइट पर जाकर मतदाता को दो विकल्प मिलते हैं। पहला विकल्प एपिक नंबर के माध्यम से नाम सर्च करने का है और दूसरा विकल्प विधानसभा क्षेत्र तथा बूथ के अनुसार नाम देखने का है। मतदाता अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं। इस सूची में नाम हटने या शामिल न होने का कारण भी स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है, जिससे मतदाताओं को स्थिति समझने में आसानी होती है।

ऑफलाइन भी कर सकते हैं जांच

जो मतदाता ऑनलाइन माध्यम से नाम चेक नहीं कर पा रहे हैं, वे अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। बीएलओ के पास भी ड्राफ्ट मतदाता सूची उपलब्ध है, जहां जाकर मतदाता ऑफलाइन अपना नाम जांच सकते हैं। इसके अलावा, यह ड्राफ्ट सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स को भी दी गई है, ताकि वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं को सही जानकारी दे सकें।

नाम जोड़ने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए कई प्रकार के पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज मान्य किए गए हैं। इनमें केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित कर्मचारियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन कार्ड, 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जारी सरकारी या बैंक, एलआईसी, डाकघर या स्थानीय प्राधिकरण के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मूल निवास प्रमाण पत्र, दसवीं बोर्ड की अंकतालिका सहित प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जहां लागू हो, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या गृह आवंटन प्रमाण पत्र शामिल हैं।

समय रहते जांच जरूरी

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या नाम गायब होने की स्थिति सामने आती है, तो तय समयसीमा में दावा-आपत्ति दर्ज कराना जरूरी है।

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