मनीषा शर्मा ,अजमेर । हर साल की तरह इस साल भी ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स की रस्में शुरू हो गई हैं। रविवार को प्रशासन और पुलिस की ओर से मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। इस दौरान ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में अकीदत के फूल चढ़ाए गए और देश-प्रदेश की खुशहाली, तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी गई। अधिकारियों की दस्तारबंदी के साथ उन्हें तबर्रुक भेंट किया गया। इस मौके पर जिला कलेक्टर लोकबंधु और पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उर्स की रस्में और सुरक्षा के इंतजाम
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, उर्स की अनौपचारिक शुरुआत 28 दिसंबर को झंडा रस्म की अदायगी के साथ हो चुकी है। उर्स की विधिवत शुरुआत चांद दिखने के बाद 1 या 2 जनवरी से होगी। पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि उर्स के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विशेष पुलिस बल, क्विक रेस्पॉन्स टीम, और स्पेशल टीमों की तैनाती की गई है। जायरीन की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
रस्मों की रूपरेखा
उर्स के दौरान मजार शरीफ पर विभिन्न धार्मिक रस्में निभाई जाएंगी।
28 दिसंबर: झंडा चढ़ाने के साथ आस्ताना शरीफ खुल गया।
31 दिसंबर: मजार शरीफ से संदल उतारा जाएगा।
1 जनवरी: जन्नती दरवाजा खोला जाएगा और शाम को बाबा कुतुब से आने वाली छड़ियों का इस्तकबाल किया जाएगा।
6 रजब (6 जनवरी): इस दिन आस्ताना जायरीन के लिए बंद रहेगा। केवल खुद्दाम ए ख्वाजा मजार में रहेंगे और खास दुआएं की जाएंगी।
9 जनवरी: बड़े कुल की रस्म अदा की जाएगी, जिसमें मजार शरीफ को गुस्ल दिया जाएगा।
10 या 11 जनवरी: उर्स का समापन होगा।
उर्स के दौरान हजारों जायरीन अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर हाजिरी देंगे। प्रशासन ने इस दौरान यातायात व्यवस्था और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।


