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LPG आपूर्ति पर केंद्र का भरोसा, घबराने की जरूरत नहीं

LPG आपूर्ति पर केंद्र का भरोसा, घबराने की जरूरत नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण दुनिया के कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। इस स्थिति का असर तेल और गैस की सप्लाई पर भी देखा जा रहा है, जिसके कारण कई देशों में LPG की उपलब्धता को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी।

इस संबंध में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है और घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पहले की तरह ही जारी रहेगी।

मंत्रालय ने दिया भरोसा

मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का सामान्य समय लगभग ढाई दिन ही रहेगा और इसमें किसी प्रकार का बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारत ने अपने आयात और आपूर्ति प्रबंधन के माध्यम से स्थिति को नियंत्रण में रखा हुआ है।

जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा का बयान

इस विषय पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत की गैस कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों से एलएनजी कार्गो की खरीद की है ताकि आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने बताया कि दो एलएनजी कार्गो भारत के लिए रवाना हो चुके हैं और जल्द ही देश पहुंचने वाले हैं। इससे घरेलू गैस की उपलब्धता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सुजाता शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल एलपीजी की प्राथमिक आपूर्ति घरेलू क्षेत्र को दी जा रही है। वहीं गैर-घरेलू उपयोग के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

गैस वितरण को लेकर तैयार हो रही योजना

मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि एलपीजी वितरण को लेकर एक समन्वित योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार की समिति राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध गैस का वितरण पारदर्शी और संतुलित तरीके से किया जाए। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में मांग और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों की गैस जरूरतों का आकलन किया जा रहा है ताकि किसी भी आवश्यक क्षेत्र में गैस की कमी न हो।

एलपीजी बुकिंग नियम में अस्थायी बदलाव

मांग प्रबंधन के तहत सरकार ने एलपीजी बुकिंग से जुड़े नियमों में भी अस्थायी बदलाव किया है। पहले उपभोक्ताओं को नए सिलेंडर की बुकिंग के लिए कम से कम 21 दिनों का अंतर रखना होता था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम अस्थायी है और इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध गैस अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंच सके। इसके साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बड़ा हिस्सा सरकार खुद वहन कर रही है ताकि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम

तेल मंत्रालय के अनुसार सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। इन उपायों के कारण घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए पारंपरिक मार्गों के अलावा अन्य समुद्री रास्तों का भी उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा वैकल्पिक मार्गों से भी तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भारतीय जहाजों की मौजूदगी

शिपिंग मिनिस्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने भी जानकारी दी है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय भारत के लगभग 28 जहाज मौजूद हैं। ये जहाज ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन जहाजों की मौजूदगी से भारत को ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल रही है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आपूर्ति चैनलों का भी उपयोग किया जा सकता है।

घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही प्राथमिकता

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी की आपूर्ति में घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य क्षेत्रों की मांग की समीक्षा देश की प्रमुख तेल कंपनियों Bharat Petroleum Corporation Limited, Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum Corporation Limited के एलपीजी कार्यकारी निदेशकों की संयुक्त समिति कर रही है। यह समिति विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन कर गैस का आवंटन तय कर रही है ताकि किसी भी आवश्यक क्षेत्र में गैस की कमी न हो।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अजय कुमार भल्ला  ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और मुख्य सचिवों से बातचीत की है। उन्होंने राज्यों से कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जल्द सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद

केंद्र सरकार का कहना है कि एलपीजी आयात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।

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