मनीषा शर्मा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। यह पहली बार होगा जब 10वीं कक्षा की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि इस नए पैटर्न का उद्देश्य छात्रों पर दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देना है।
परीक्षा की तिथियां
पहली परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च, 2026 तक आयोजित होगी। वहीं दूसरी परीक्षा 15 मई से 1 जून, 2026 तक होने की संभावना है।
कक्षा 10वीं (पहली परीक्षा): 17 फरवरी से 6 मार्च
कक्षा 10वीं (दूसरी परीक्षा): 15 मई से 1 जून
कक्षा 12वीं: 17 फरवरी से 9 अप्रैल
कक्षा 12वीं की परीक्षा केवल एक बार होगी, जबकि 10वीं के विद्यार्थियों के पास दो बार परीक्षा देने का विकल्प होगा।
नया एग्जाम पैटर्न और इसकी 3 अहम बातें
ऑप्शनल एग्जाम का फायदा:
दूसरी परीक्षा यानी ऑप्शनल एग्जाम में छात्रों को साइंस, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेजेस में से 3 विषयों में परफॉर्मेंस सुधारने का मौका मिलेगा।विंटर बाउंड स्कूलों को छूट:
जिन स्कूलों में सर्दियों में पढ़ाई प्रभावित होती है, उनके छात्रों को दोनों परीक्षाओं में से किसी एक में बैठने की अनुमति होगी।नियमितता की शर्त:
यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा।
10वीं की दो बार परीक्षा: सवाल-जवाब में समझें
सवाल 1: यह नियम कब से लागू होगा?
जवाब: यह नियम 2025-26 शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। यानी 2026 से पहली बार 10वीं के बोर्ड एग्जाम दो बार होंगे।सवाल 2: क्या दोनों बार परीक्षा देना जरूरी है?
जवाब: नहीं। छात्रों के पास तीन विकल्प होंगे—
केवल एक बार परीक्षा देना।
दोनों बार परीक्षा देना।
किसी विषय में बेहतर अंक लाने के लिए दूसरी बार परीक्षा देना।
सवाल 3: रिजल्ट कैसे तय होगा?
जवाब: यदि छात्र दोनों बार परीक्षा देते हैं, तो उनके बेहतर अंकों को ही अंतिम रिजल्ट माना जाएगा। यदि दूसरी बार अंक कम आते हैं तो पहली परीक्षा के अंक ही फाइनल रहेंगे।सवाल 4: सप्लीमेंट्री परीक्षा का क्या होगा?
जवाब: 10वीं कक्षा के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा अब समाप्त कर दी जाएगी। छात्रों के पास दूसरी बार परीक्षा देने का विकल्प पहले से उपलब्ध होगा।सवाल 5: क्या परीक्षा केंद्र अलग-अलग होंगे?
जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं का केंद्र एक ही रहेगा।सवाल 6: क्या दो बार रजिस्ट्रेशन और फीस देनी होगी?
जवाब: नहीं। रजिस्ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, यदि छात्र दोनों बार परीक्षा देने का विकल्प चुनते हैं, तो फीस एक साथ ली जाएगी।सवाल 7: क्या प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्जाम भी दो बार होंगे?
जवाब: नहीं। प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्जाम केवल एक बार दिसंबर-जनवरी में होंगे।
कॉपियों का मूल्यांकन
CBSE ने मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए भी स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक विषय की कॉपियों का मूल्यांकन परीक्षा के लगभग 10 दिन बाद शुरू होगा और 12 दिन में पूरा हो जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि कक्षा 12वीं की फिजिक्स परीक्षा 20 फरवरी को होगी, तो उसकी कॉपियों का मूल्यांकन 3 मार्च से शुरू होकर 15 मार्च तक पूरा होगा।
बदलाव की पृष्ठभूमि
साल में दो बार परीक्षा कराने का विचार अगस्त 2024 में तैयार हुआ था। उस समय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि जैसे इंजीनियरिंग में JEE परीक्षा साल में दो बार होती है, वैसे ही CBSE भी 10वीं बोर्ड परीक्षा को दो बार आयोजित करेगा। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE, NCERT, KVS, NVS और स्कूलों के पदाधिकारियों से चर्चा की। फरवरी 2025 में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिली।
छात्रों के लिए फायदे
तनाव कम होगा – छात्रों के पास केवल एक मौके पर निर्भर रहने की बाध्यता नहीं रहेगी।
बेहतर अंक का अवसर – यदि पहली बार प्रदर्शन अच्छा नहीं हुआ, तो दूसरी बार सुधार का मौका मिलेगा।
सप्लीमेंट्री की जरूरत खत्म – असफल छात्रों को अगली बार का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
CBSE Board Exam 2026 का नया पैटर्न शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव है। यह कदम छात्रों को प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर अवसर देने और मानसिक दबाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब 10वीं कक्षा के छात्रों को साल में दो बार परीक्षा का मौका मिलेगा और रिजल्ट उनके बेहतर अंकों के आधार पर तय होगा। इससे शिक्षा व्यवस्था और अधिक लचीली और छात्र-हितैषी बन जाएगी।


